शांत योद्धा की विदाई, रहाणे का सुनहरा अध्याय समाप्त
नई दिल्ली | पत्रकार सत्ता ब्यूरो
भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। उनके इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया, जिसे धैर्य, सादगी, अनुशासन और गरिमा के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
रहाणे ने अपने पूरे करियर में कई बार कठिन परिस्थितियों में टीम इंडिया को संभाला। विदेशी धरती पर शानदार बल्लेबाजी, संकट के समय जिम्मेदार पारियां और कप्तान के रूप में टीम का सफल नेतृत्व उनकी पहचान बना। उन्होंने हर भूमिका को बिना शोर-शराबे के पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया।
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स्लिप में उनके लाजवाब कैच, टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताऊ पारियां और मैदान पर उनका शांत स्वभाव भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की यादों में हमेशा जीवित रहेगा। उन्होंने यह साबित किया कि क्रिकेट केवल आक्रामकता का नहीं, बल्कि संयम, चरित्र और धैर्य का भी खेल है।
अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट को कई अविस्मरणीय पल दिए। उनके संन्यास के साथ ‘कैप नंबर 278’ का अंतरराष्ट्रीय सफर भले ही थम गया हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
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