चंदा विवाद को लेकर पक्ष विपक्ष आमने सामने सलमान खुर्शीद ने रखी पार्टी की राय
मुख्य बातें
● राम मंदिर को लेकर फिर तेज हुई राजनीति
● चंदा विवाद पर विपक्ष के सवाल जारी
● कांग्रेस ने चुनावी रणनीति की तस्वीर की साफ
● सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। हाल के दिनों में सामने आए चंदा विवाद को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है। समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर आक्रामक है जबकि कांग्रेस ने भी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई है।
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इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में राम मंदिर को चुनावी मुद्दा नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि आस्था का विषय राजनीति से अलग होना चाहिए और जनता के सामने रोजगार महंगाई शिक्षा स्वास्थ्य तथा किसानों से जुड़े मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं।
प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर लंबे समय से प्रमुख विषय रहा है। मंदिर निर्माण के बाद भी समय समय पर इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। हाल में सामने आए चंदा विवाद को लेकर अलग अलग दल अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्ष मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है।
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दूसरी ओर सत्तापक्ष का कहना है कि विपक्ष बिना पूरी जानकारी के राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। सरकार और उससे जुड़े नेताओं का दावा है कि सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव नजदीक आने के साथ प्रदेश में धार्मिक और जनहित के मुद्दों पर बयानबाजी और तेज हो सकती है। हालांकि कांग्रेस के ताजा बयान से यह संकेत मिला है कि वह चुनाव प्रचार में अपने अभियान का केंद्र सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को बनाना चाहती है।




