विभाजन की पीड़ा को याद कर एकता, शांति और सामाजिक सौहार्द का लिया संकल्प
निर्भय सक्सेना । पत्रकार सत्ता
बरेली। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर पंडित राधेश्याम कथावाचक स्मृति सभागार (जीआईसी ऑडिटोरियम) में जिला प्रशासन की ओर से चित्रकला प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान विस्थापन और पीड़ा झेलने वाले परिवारों के त्याग और संघर्ष को याद करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि विभाजन के इतिहास से सबक लेकर वर्तमान को बेहतर बनाने और विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद पाकिस्तान से विस्थापित होकर बरेली के विभिन्न क्षेत्रों में आकर बसे परिवार आज भी उस त्रासदी की पीड़ा को अपने अनुभवों में संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन परिवारों से बातचीत कर विभाजन की वास्तविक पीड़ा को समझा जा सकता है।

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कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि देश को स्वतंत्रता मिली, लेकिन इसके लिए समाज को भारी कीमत भी चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को तिरंगे की आन, बान और शान के लिए अपना योगदान देना चाहिए। बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि स्वार्थ और लालच के कारण हुआ देश का विभाजन ऐसी त्रासदी थी, जिसकी पीड़ा को आज भी याद किया जाता है।
भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी ने कहा कि भाई, पड़ोसी और समाज के साथ एकता के सूत्र में बंधकर रहना ही सच्चे नागरिक की पहचान है। उन्होंने चरित्र और जीवन मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने कहा कि विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, परिवार और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति कटुता पैदा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का महत्व समझाना है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन परिवारों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष हमें एक मजबूत, समावेशी और एक भारत-श्रेष्ठ भारत के निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इतिहास के कुछ पन्ने हमें भावुक और विचलित करते हैं। स्वतंत्रता की खुशी के साथ विभाजन की पीड़ा भी जुड़ी हुई थी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2021 से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लिया जा सके।
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कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका से संबंधित जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। भाषण एवं नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मान प्रदान किया गया। चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने विभाजन की त्रासदी, विस्थापन और मानवीय पीड़ा को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार, प्रशासक जिला पंचायत रश्मि पटेल, विधायक संजीव अग्रवाल, विधायक नवाबगंज डॉ. एमपी आर्य, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ. राघवेंद्र शर्मा, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, भाजपा आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह सहित जिलाधिकारी अविनाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी नगर अविनाश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा, पुलिस अधीक्षक नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर इशिता किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का संचालन राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अवनीश यादव ने किया।
रिपोर्ट : वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना, बरेली




