नेपाल में बाढ़ का रौद्र रूप: पुल-गांव तबाह, 105 भारतीय समेत सैकड़ों लापता; बिहार में हाई अलर्ट

नेपाल में बाढ़ का कहर: 105 भारतीय समेत सैकड़ों लापता

रसुवा में भोटेकोशी नदी ने मचाई तबाही, सड़कें-पुल और घर बहे; भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सतर्कता

पत्रकार सत्ता। डिजिटल डेस्क
काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आए भीषण सैलाब ने भारी तबाही मचा दी। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत आसपास के इलाकों में घर, बाजार, सड़कें और पुल बाढ़ की चपेट में आ गए। करीब 40 किलोमीटर सड़क और कई पुलों के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट है।

शुरुआती आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 16 लोगों की मौत हुई थी, जबकि नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार 105 भारतीयों समेत 384 यात्री लापता बताए गए। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। राहत एवं बचाव अभियान में नेपाली सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।

इसे भी देखें- 30 हजार की लूट में नया मोड़: पीड़ित ने साथियों संग दो युवकों को पकड़ा, पुलिस के हवाले किया

तिब्बत से आई बाढ़ ने मचाई तबाही

भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से सीमा क्षेत्र में कुछ ही समय में हालात बिगड़ गए। पहले आशंका जताई जा रही थी कि किसी ग्लेशियल झील के फटने से सैलाब आया है, लेकिन बाद की रिपोर्टों में भूकंप से जुड़ी बर्फ-पत्थर की भारी ढलान/एवलॉन्च को संभावित कारण बताया गया है। मामले की जांच जारी है।

बाढ़ के तेज बहाव में वाहन, इमारतें, सड़कें और पुल बह गए। बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रभावित इलाकों में बचाव दल पहुंचने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

यह भी जानें- महाराष्ट्र धर्मांतरण विरोधी कानून पर शाहनवाज आलम ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट से समीक्षा की मांग

बिहार में हाई अलर्ट

नेपाल में आई तबाही के बाद भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बिहार के सीमावर्ती और उत्तर बिहार के इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन नदियों के जलस्तर और संभावित पानी के प्रवाह पर नजर रख रहा है।

उत्तर प्रदेश में भी सीमावर्ती जिलों को सतर्क किया गया है। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल उत्तर प्रदेश में बड़ा खतरा बनने की संभावना कम है और गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहने का अनुमान है।

105 भारतीयों की तलाश तेज

बाढ़ के बाद 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े यात्रियों के शामिल होने की रिपोर्ट है। भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और नेपाल में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आपात हेल्पलाइन भी जारी की गई है।

भारत ने नेपाल को मानवीय सहायता देने की भी तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। भारत की ओर से राहत सामग्री भेजने की तैयारी की जा रही है।

इसे भी देखें- 6 साल के बच्चे को साथ ले गई पुलिस… प्रदर्शन के बीच पहुंच मांग रहा था इस्तीफा!

नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है तथा मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं।

रिपोर्ट : ज़मीर हैदर, डिजिटल डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *