ज़मीर हैदर। पत्रकार सत्ता
मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव से कथित मारपीट और थर्ड डिग्री के मामले में मेरठ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सिविल लाइंस के तत्कालीन इंस्पेक्टर एवं एसओजी प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि निलंबन से पहले अखिलेश गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। अब उनके खिलाफ कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोपों में निलंबन की कार्रवाई की गई है।
इसे भी पढ़ें- राष्ट्रगान विवाद पर सतीश महाना की सफाई, बोले- वायरल वीडियो भ्रामक
किसान नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
मामला किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव से जुड़ा है। दोनों ने पुलिस हिरासत के दौरान मारपीट और थर्ड डिग्री दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय भाटी का आरोप है कि उनके साथ पुलिस कार्यालय और एसओजी कार्यालय में बर्बरता की गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है।
इसे भी जानें- एसकेडी अकादमी में राष्ट्रीय स्तर की कोड बॉट चैंपियनशिप
डीआईजी कर रहे जांच
पूरे प्रकरण की जांच डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह कर रहे हैं। जांच के दौरान घटनास्थल और पुराने एसओजी कार्यालय का निरीक्षण किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। डीआईजी को तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय की भूमिका को लेकर भी जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस प्रशासन की ओर से पहले ही आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। अब इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के निलंबन के बाद मामले में आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
यह भी देखें- संत रविदास के जीवन और विचारों को आत्मसात करने का नीरज सिंह ने किया आह्वान
वहीं, किसान नेता दिग्विजय भाटी का उपचार अस्पताल में जारी बताया गया है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
रिपोर्ट: ज़मीर हैदर, लखनऊ ब्यूरो




