ज्ञान भारतम् मिशन से संरक्षित होगी पांडुलिपि धरोहर

प्राचीन भारतीय पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का प्रतीकात्मक चित्र

डिजिटल संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा ज्ञान

पत्रकार सत्ता
नई दिल्ली। भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने ज्ञान भारतम् मिशन को गति दी है। संस्कृति मंत्रालय के इस मिशन का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, संरक्षण, डिजिटलीकरण और उन्हें शोधार्थियों तथा आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है।

सरकार के अनुसार भारत में दर्शन, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, साहित्य, कला, वास्तुकला और आध्यात्म सहित अनेक विषयों से जुड़ी लाखों प्राचीन पांडुलिपियां विभिन्न मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, संग्रहालयों और निजी संग्रहों में सुरक्षित हैं। मिशन के माध्यम से इन अमूल्य धरोहरों को आधुनिक तकनीक की सहायता से डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जाएगा।

इसे भी देखें – एलडीए की ओटीएस योजना में आवेदन का अंतिम मौका

मिशन के तहत देशभर में क्लस्टर केंद्र और स्वतंत्र केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और डिजिटल रिपॉजिटरी जैसी तकनीकों का उपयोग कर पांडुलिपियों का अभिलेखीकरण और अध्ययन आसान बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य भारत की ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना भी है।

इसे भी जानें- सोनम वांगचुक के अनशन पर ज्योतिर्मठ शंकराचार्य ने जताई चिंता

संस्कृति मंत्रालय का मानना है कि यह पहल केवल ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *