बीडीए ने हिमाद्रि से गोवर्धन तक जोड़ी पर्वतीय और सांस्कृतिक विरासत, मेरु एन्क्लेव में बनेगा सेंट्रल पार्क
निर्भय सक्सेना। पत्रकार सत्ता
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के 11 सेक्टरों को देश की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं, पर्वतों और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व वाले पर्वतीय स्थलों के नाम दिए हैं। योजना को विशिष्ट पहचान देने के उद्देश्य से सेक्टरों का नामकरण संबंधित पर्वतों की भौगोलिक स्थिति और दिशा को ध्यान में रखकर किया गया है।
सेक्टर-1 से 11 तक क्रमशः हिमाद्रि, शिवालिक, नीलगिरि, सह्याद्रि, विंध्याचल, धौलाधार, मेरु, नंदा देवी, त्रिशूल, केदारगिरि और गोवर्धन एन्क्लेव नाम रखे गए हैं। इस नामकरण के जरिए हिमालय से लेकर दक्षिण भारत और ब्रज क्षेत्र तक की पर्वतीय एवं सांस्कृतिक विरासत को ग्रेटर बरेली से जोड़ा गया है।

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे के अनुसार योजना के मध्य स्थित मेरु एन्क्लेव को विशेष महत्व दिया गया है। भारतीय परंपरा में मेरु को केंद्रीय पर्वत के रूप में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसी क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप सेंट्रल पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री कर चुके हैं। यह पार्क ग्रेटर बरेली के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा।
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इसी क्षेत्र में एक प्रीमियम आवासीय परिसर भी विकसित किया जा रहा है, जिसे जल्द जनता के समक्ष प्रस्तुत कर पंजीकरण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

सेक्टर-1 हिमाद्रि और सेक्टर-2 शिवालिक के बीच से गुजर रही नहर को कैनाल फ्रंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे योजना में पर्वतीय थीम के साथ जल और हरित क्षेत्रों को भी जोड़ा जा रहा है।
जहां रामगंगा नगर योजना में सेक्टरों को नदियों के नाम से पहचान मिली थी, वहीं ग्रेटर बरेली में पर्वतों को सेक्टरों की पहचान बनाया गया है। बीडीए का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं के साथ ऐसी टाउनशिप विकसित करना है, जिसमें भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान का समन्वय हो।

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बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने कहा कि सेक्टरों का नामकरण केवल पहचान देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरी योजना को विशिष्ट स्वरूप देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप यहां आधुनिक विकास के साथ प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय पहचान का समन्वय किया जा रहा है।
रिपोर्ट : निर्भय सक्सेना, बरेली ब्यूरो




