बैरिकेडिंग के पास धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी, श्रम कानूनों और काम के घंटों को लेकर जताया विरोध
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। किसान-मजदूर संगठनों के आह्वान पर सोमवार को राजधानी लखनऊ में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया, जिसको लेकर पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के पास ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
आंदोलनकारियों ने श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों, निजीकरण, महंगाई, रोजगार की असुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि काम के घंटे बढ़ाने के बजाय श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित कार्यस्थल और उचित मजदूरी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रम संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने किसान और मजदूर हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से नीतियों में बदलाव की मांग की। देश के अन्य हिस्सों में भी इसी आह्वान पर किसान-मजदूरों के प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।
पुलिस बैरिकेडिंग के पास डटे प्रदर्शनकारी
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच इसी दौरान नोकझोंक हुई। आंदोलनकारी बैरिकेडिंग के पास बैठकर विरोध जताते रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि किसानों और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से श्रमिकों के हितों की रक्षा और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।




