पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की गौशालाओं में संरक्षित गोवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। विभाग के अनुसार प्रदेश की करीब 7,500 गौशालाओं में 13 लाख गोवंश संरक्षित हैं।
बैठक में वर्षा के दौरान गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए गौशालाओं में पर्याप्त चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल तथा जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को गौशालाओं में नियमित निगरानी रखने और बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
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मंत्री ने खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार जुलाई में एफएमडी टीकाकरण अभियान को लेकर भी विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं।
बैठक में देशी नस्लों के संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को कृत्रिम गर्भाधान सहित पशु नस्ल सुधार से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश में बेहतर गुणवत्ता वाले पशुधन को बढ़ावा मिल सके।
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गौशालाओं को भविष्य में अधिक आत्मनिर्भर बनाने पर भी विभाग की ओर से जोर दिया जा रहा है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने गौशालाओं में गोबर से ऊर्जा, गोमूत्र से मूल्यवर्धन और अन्य नवाचारों के माध्यम से आय बढ़ाने की दिशा में काम करने की जानकारी दी है।
सरकार की ओर से जुलाई में 11 जिलों में 14 नवनिर्मित वृहद गोसंरक्षण केंद्रों के लोकार्पण की भी जानकारी दी गई थी।
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विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के लिए उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाए।




