समुद्री व्यापार की सुरक्षा और चाबहार बंदरगाह पर हमलों को लेकर जारी किया बयान
पत्रकार सत्ता
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पश्चिम एशिया में दोबारा बढ़ती सैन्य गतिविधियों और व्यापारिक जहाजों पर जारी हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को किसी भी प्रकार के संघर्ष का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने तथा विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से निकालने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि भारत ने हमेशा शांतिपूर्ण समाधान और संवाद का समर्थन किया है तथा मौजूदा संकट का समाधान भी इसी रास्ते से निकलना चाहिए।
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बयान में ईरान के चाबहार बंदरगाह पर हुए हमलों को भी चिंता का विषय बताया गया है। कांग्रेस का कहना है कि चाबहार बंदरगाह भारत के लिए मध्य एशिया तक पहुंच का महत्वपूर्ण रणनीतिक द्वार है और इस पर पड़ने वाला असर देश के दीर्घकालिक हितों से जुड़ा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख अपेक्षित रूप से स्पष्ट और सक्रिय दिखाई नहीं दे रहा है। पार्टी का कहना है कि सरकार को भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए अधिक प्रभावी पहल करनी चाहिए।
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बयान के अंत में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से सभी दलों की बैठक बुलाने और संसद का विशेष सत्र आयोजित कर पश्चिम एशिया की स्थिति तथा भारत के हितों पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
- पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हों।
- समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- चाबहार बंदरगाह से जुड़े भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा की जाए।
- सभी दलों की बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए।




