भाजपा के मंच पर दिखने के बाद मिला था कारण बताओ नोटिस, 35 वर्षों की सेवा का हवाला देकर छोड़ी प्राथमिक सदस्यता
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य अशोक सिंह ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजते हुए हाल ही में जारी कारण बताओ नोटिस पर नाराजगी जताई है।
बताया जा रहा है कि इटावा निवासी अशोक सिंह हाल के दिनों में भारतीय जनता पार्टी के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए थे। इसके बाद 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी कार्रवाई के बाद उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।
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35 वर्षों की सेवा का किया उल्लेख
अपने इस्तीफा पत्र में अशोक सिंह ने लिखा है कि वह पिछले 35 वर्षों से कांग्रेस के साथ जुड़े रहे और उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रवक्ता और संगठन मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह लंबे समय से एआईसीसी के सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि अनुशासन समिति द्वारा लगाए गए आरोपों से वह गहरा आहत हैं, इसलिए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
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प्रदेश नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार
अशोक सिंह ने अपने इस्तीफे की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष तथा अनुशासन समिति को भी भेजी है। उनके इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और संगठनात्मक असंतोष को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रदेश कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।




