जूनोटिक एवं प्राथमिकता वाले पशु रोगों की रोकथाम पर होगा विशेष प्रशिक्षण, विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

लखनऊ में पशु चिकित्सकों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शुरू

लखनऊ में पशुपालन विभाग और झपाइगो के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, पशु एवं मानव स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने पर जोर।

पत्रकार सत्ता न्यूज़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की ओर से गुरुवार को राजधानी लखनऊ के होटल गोल्डन ट्यूलिप में पशु चिकित्सकों के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण “जूनोटिक एवं प्राथमिकता वाले पशु रोगों” की रोकथाम, पहचान और प्रभावी प्रबंधन को लेकर आयोजित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जीएचएस-राइज पहल के अंतर्गत झपाइगो के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा विभिन्न जनपदों से आए पशु चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले संक्रामक रोगों की समय रहते पहचान, निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसे भी पढ़ें- शादी में मां की याद में भावुक हुईं अंशुला कपूर, मंडप पहुंचने से पहले लगाया मां का पसंदीदा इत्र

विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में पशु एवं मानव स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। ऐसे में पशु चिकित्सकों का समय-समय पर प्रशिक्षण आवश्यक है, ताकि संक्रामक रोगों की रोकथाम के साथ पशुपालकों को भी वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जा सके।

इसे भी जाने- चित्रकूट को मिली नौ सौ इक्यावन करोड़ की विकास सौगात

पशुपालन विभाग का कहना है कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रदेश में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना, रोगों की शीघ्र पहचान की क्षमता विकसित करना तथा राज्यभर में एक समान उपचार एवं निगरानी प्रणाली को बढ़ावा देना है। दो दिवसीय प्रशिक्षण में विभिन्न विषय विशेषज्ञ व्यावहारिक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *