अयोध्या में मछली खाने की टिप्पणी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार, बोले- आरोप से प्रतिष्ठा को नुकसान
शबीह हैदर । पत्रकार सत्ता
लखनऊ। अयोध्या में कथित ‘मछली भोज’ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच शुरू हुआ विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। अजय राय ने मंगलवार, 1 सितंबर को लखनऊ की अदालत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है।
अजय राय का आरोप है कि अयोध्या में उनके मछली खाने को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से की गई टिप्पणी तथ्यहीन थी और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। राय का कहना है कि उन्होंने मछली नहीं खाई और वह शाकाहारी हैं। इसी कथित टिप्पणी को आधार बनाकर उन्होंने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
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पहले खुला पत्र, अब कोर्ट में मानहानि का परिवाद
इस विवाद के बीच अजय राय ने 27 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने खुद को शाकाहारी बताते हुए चुनौती दी थी कि यदि उनके मछली खाने की कोई प्रमाणित तस्वीर या वीडियो है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यहां तक कहा था कि प्रमाण सामने आने पर वह राजनीति से संन्यास लेने को तैयार हैं।
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अब उसी विवाद को लेकर राय ने कानूनी रास्ता अपनाया है। उनके वकील के माध्यम से लखनऊ की अदालत में आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी से उनकी व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई।
क्या है पूरा मछली भोज विवाद?
विवाद की शुरुआत 23 अगस्त को अजय राय के अयोध्या दौरे के दौरान हुई। कांग्रेस के मुताबिक, राय राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे थे। इसी दौरान निषाद समाज की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मत्स्य भोज रखा गया था। अजय राय की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ और भाजपा की ओर से उन पर मछली खाने को लेकर सवाल उठाए गए।
अजय राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम में मौजूद होना और मछली खाना दो अलग बातें हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का प्रमाण मांगते हुए कहा कि यदि उनके मछली खाने की प्रमाणित तस्वीर या वीडियो है तो उसे सामने लाया जाए।
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योगी ने अजय राय पर किया था पलटवार
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अजय राय पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने अयोध्या के मछली भोज विवाद के अलावा अजय राय पर उनके भाई की हत्या से जुड़े पुराने मामले और माफिया के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा था।
अजय राय ने मुख्यमंत्री के इन आरोपों का भी जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने लंबे समय तक न्याय की लड़ाई लड़ी है और माफिया के सामने झुकने के आरोप गलत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों और अन्य मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की थी।
अब अदालत की प्रक्रिया पर टिकी नजर
अजय राय की ओर से मानहानि का आपराधिक परिवाद दाखिल किए जाने के बाद मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है। आगे अदालत शिकायत और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करते हुए कानून के अनुसार प्रक्रिया तय करेगी।
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फिलहाल अयोध्या के कथित ‘मछली भोज’ से शुरू हुआ विवाद भाजपा-कांग्रेस की राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि की कानूनी लड़ाई में बदल गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की सियासत में यह मामला आने वाले दिनों में और गरमाने के आसार हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ




