धर्म की राजनीति से कुर्सी नहीं, समाजवाद से देश बचेगा : निहाल

धर्म की राजनीति से कुर्सी नहीं, समाजवाद से देश बचेगा: निहाल अहमद

जमीर हैदर। पत्रकार सत्ता
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता एवं मलिहाबाद के जिला पंचायत सदस्य निहाल अहमद ने भाजपा नेताओं पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म की राजनीति से देश का भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए समाजवाद की सोच जरूरी है, जो सभी धर्मों और वर्गों को समान अधिकार देने की बात करती है।

निहाल अहमद ने कहा कि ईश्वर किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। उसकी धूप, चांद और बारिश सभी के लिए समान है। इसके बावजूद कुछ भाजपा नेता धर्म और पहचान के आधार पर राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को यह देखना चाहिए कि जनता को रोजगार, बेहतर शिक्षा, इलाज और महंगाई से राहत की जरूरत है, न कि यह कि किसी व्यक्ति ने टोपी पहनी है या तिलक लगाया है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर सवाल करती है तो भाजपा नेता धर्म और नफरत की राजनीति के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक नेता ईश्वर से भी बड़े हो गए हैं? ईश्वर सभी को देता है, जबकि धर्म की राजनीति करने वाले समाज को बांटने का काम करते हैं।

सपा नेता ने कहा कि यदि किसी सरकार के पास शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में गिनाने के लिए पर्याप्त काम नहीं है तो वह धर्म के मुद्दे को आगे करके अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से देश नहीं चलेगा।

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निहाल अहमद ने कहा कि समाजवाद ही वह रास्ता है, जिसमें सभी को बराबरी का अधिकार मिलता है। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित सभी वर्गों के लोगों के अधिकार समान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रकृति बिना भेदभाव के सभी को धूप और बारिश देती है, उसी तरह सरकार की योजनाओं और विकास का लाभ भी हर नागरिक तक समान रूप से पहुंचना चाहिए।

उन्होंने लोगों से धर्म के नाम पर होने वाली राजनीति और दिखावे से ऊपर उठकर समाजवादी सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। निहाल अहमद ने कहा कि कुर्सी बचाने से इतिहास नहीं बनता, बल्कि समाज को साथ लेकर चलने से इतिहास बनता है।

रिपोर्ट- जमीर हैदर, लखनऊ ब्यूरो

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