दुष्यंत कुमार की 93वीं जयंती पर शायरी और गजल के क्षेत्र में योगदान के लिए किया गया सम्मानित
निर्भय सक्सेना । पत्रकार सत्ता
बरेली। मानव सेवा क्लब के तत्वावधान में सदी के महान गजलकार दुष्यंत कुमार की 93वीं जयंती पर विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन इंद्र देव त्रिवेदी के निवास पर किया गया। इस अवसर पर शायरी और गजल के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए बरेली के प्रख्यात गजलकार बृजेन्द्र अंकिचन को 14वां दुष्यंत कुमार स्मृति साहित्य सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि रमेश गौतम ने कहा कि मात्र 42 वर्ष की अल्पायु में दुष्यंत कुमार ने हिंदी गजल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी गजलें आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं और साहित्य जगत में उनका विशेष स्थान है।

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बृजेन्द्र अंकिचन को अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा, मुख्य अतिथि रमेश गौतम, विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनीश यादव, कार्यक्रम अध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ और इंद्र देव त्रिवेदी ने हार, शाल, अभिनंदन-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
सम्मान मिलने पर बृजेन्द्र अंकिचन ने सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान के बाद साहित्य सृजन के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अरुणा सिन्हा की सरस्वती वंदना से हुआ। क्लब का आह्वान गीत प्रकाश चंद्र सक्सेना ने प्रस्तुत किया। संचालन सुरेंद्र बीनू सिन्हा ने किया, जबकि आभार मनोज दीक्षित टिंकू ने व्यक्त किया।
इस मौके पर निर्भय सक्सेना, प्रकाश सक्सेना, डॉ. सुरेश रस्तोगी, सुधीर मोहन, राम प्रकाश ओझा, राज कुमार अग्रवाल, संतोष कपूर, जितेंद्र मिश्रा, सुनील कुमार शर्मा, रीतेश साहनी, अरुणा सिन्हा, आलोक शंखधार, आभा तिवारी और अलका त्रिवेदी सहित अनेक साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट, बरेली




