दुष्यंत कुमार की 93वीं जयंती पर शायरी और गजल के क्षेत्र में योगदान के लिए किया गया सम्मानित निर्भय सक्सेना । पत्रकार सत्ता बरेली। मानव […]
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‘तू किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं’ लोकप्रिय हिंदी ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार ने जन-मन को छुआ
सामाजिक विडंबनाओं और राजनीतिक अव्यवस्था पर तीखी चोट, आम आदमी की भाषा में ग़ज़लों ने बनाई अलग पहचान आलेख : इंद्रदेव त्रिवेदी बरेली। हिंदी में […]
