ज़मीर हैदर । पत्रकार सत्ता
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा/दान से जुड़े कथित चोरी और गबन के विवाद को लेकर संत समाज में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। 25 अगस्त को अयोध्या में संत समाज की बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें कंप्यूटर बाबा समेत कई साधु-संतों के शामिल होने की खबर है।
बैठक में मामले की उच्चस्तरीय जांच और CBI जांच की मांग उठाए जाने की बात सामने आई है। संतों की ओर से चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही है। कुछ संतों ने चंपत राय के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग भी उठाई है।
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SIT रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब SIT की अंतिम रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार चंपत राय को आपराधिक भूमिका के मामले में क्लीन चिट दी गई है, जबकि अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक SIT ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ आपराधिक दोष नहीं पाया। वहीं अन्य रिपोर्टों में अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर स्थिति अलग बताई गई है।
इसी के बाद संतों और अयोध्या के वकीलों की ओर से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने 22 अगस्त को चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी।
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मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की तैयारी
संत समाज की प्रस्तावित बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही जा रही है। संतों की ओर से पूरे मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग रखे जाने की संभावना है।
बैठक के दौरान संतों द्वारा रामलला के दर्शन कर क्षमा याचना किए जाने की भी बात कही गई है।
रिपोर्ट : ज़मीर हैदर, लखनऊ ब्यूरो



