प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा

लोकसभा में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और रोजगार को लेकर सरकार पर निशाना

पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां आ चुकी हैं, जिसके कारण छात्र मानसिक दबाव झेल रहे हैं और कई मामलों में आत्महत्या या अवसाद जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कई अभिभावक बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेने को मजबूर होते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य की कोई गारंटी नहीं है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार सृजन से जुड़े क्षेत्रों को कमजोर किया है और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कम हुआ है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी बड़े पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली।

प्रियंका गांधी के प्रमुख आरोप

  • शिक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां।
  • परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होने का दावा।
  • पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग।
  • छात्रों और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का मुद्दा।

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि देश का शिक्षा बजट लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि केवल नीट परीक्षा की तैयारी और संबंधित खर्चों के माध्यम से हर वर्ष लाखों परिवारों से बड़ी राशि खर्च कराई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठते हैं, क्योंकि एक ओर शिक्षा पर सीमित खर्च किया जाता है, वहीं बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जाते हैं।

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हालांकि, प्रियंका गांधी के इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

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