टीएमसी सांसदों के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध, सरकार के फैसले पर जताई आपत्ति
रिपोर्ट : शबीह हैदर
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने कुछ समय के लिए वॉकआउट कर केंद्र सरकार के एक फैसले पर विरोध दर्ज कराया। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि विपक्ष ने यह कदम उन सांसदों को बैठक में आमंत्रित किए जाने के विरोध में उठाया, जिनकी सदस्यता समाप्त करने का मामला अभी लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है।
महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में कहा कि विपक्षी दलों ने कुछ मिनट के लिए बैठक का बहिष्कार कर यह संदेश दिया कि जब तक संबंधित सांसदों की अयोग्यता पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उन्हें आधिकारिक बैठकों में शामिल करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह निर्णय संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
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सूत्रों के अनुसार, सर्वदलीय बैठक में संसद के आगामी सत्र के एजेंडे, विधायी कार्य और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। हालांकि विपक्ष ने बैठक में भाग लेने के साथ-साथ अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए कुछ समय के लिए वॉकआउट किया और बाद में चर्चा में शामिल हुआ।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संसद सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष जहां विभिन्न राजनीतिक और संवैधानिक विषयों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार का कहना है कि वह संसद का सत्र सुचारु रूप से चलाना चाहती है और सभी दलों के सहयोग की अपेक्षा करती है।
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समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार अथवा संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से महुआ मोइत्रा के इस दावे पर कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। वहीं संबंधित सांसदों की अयोग्यता से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर लंबित है।




