पत्रकार सत्ता। मीनाक्षी मनु वर्मा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े संवेदनशील राजस्व मामलों की सुनवाई अब एकल पीठ के बजाय तीन सदस्यीय विशेष पीठ (स्पेशल बेंच) करेगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
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नई व्यवस्था के तहत आरक्षित श्रेणी की भूमि, सरकारी भूमि, ग्राम समाज की भूमि, नजूल भूमि, शत्रु संपत्ति तथा परित्यक्त (Evacuee) संपत्तियों से संबंधित लंबित और नए मामलों की सुनवाई विशेष पीठ द्वारा की जाएगी। यह पीठ राजस्व परिषद के लखनऊ और प्रयागराज स्थित न्यायालयों में नियमित रूप से मामलों की सुनवाई करेगी।
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सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से महत्वपूर्ण मामलों में सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया मजबूत होगी, न्यायिक गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी कम होगी। इसके साथ ही अधिकारियों को ऐसे सभी लंबित एवं नए मामलों को विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

लेखक परिचय: *मीनाक्षी मनु वर्मा इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खण्डपीठ की अधिवक्ता तथा नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे), उत्तर प्रदेश, लखनऊ की अध्यक्षा हैं। वे विधिक मामलों पर नियमित लेखन और विश्लेषण करती हैं।




