सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट तस्करी और खुफिया सहयोग पर होगा मंथन, संयुक्त घोषणा पत्र भी होगा जारी
पत्रकार सत्ता । ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत 6 और 7 जुलाई 2026 को असम के गुवाहाटी में BRICS देशों की एंटी-ड्रग एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। गृह मंत्रालय के अंतर्गत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में BRICS सदस्य देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करना, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के बढ़ते वैश्विक खतरे से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
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बैठक में सिंथेटिक ड्रग्स, न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (NPS), डार्कनेट के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से अवैध वित्तीय लेनदेन, प्रीकर्सर रसायनों की निगरानी तथा रियल-टाइम ड्रग इंटरडिक्शन जैसी चुनौतियों पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा क्षमता निर्माण, संयुक्त प्रशिक्षण, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और संस्थागत सहयोग को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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भारत इस अवसर पर नशा मुक्त भारत के अपने प्रयासों और हाल ही में जारी ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-2029)’ को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। दो दिवसीय बैठक के समापन पर सदस्य देश संयुक्त घोषणा पत्र (Joint Declaration) को भी अपनाएंगे।

