मिलों में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार, 400 टन से अधिक स्टॉक रखने वाले डीलरों पर कार्रवाई के निर्देश
ज़मीर हैदर। पत्रकार सत्ता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। समीक्षा के दौरान प्रदेश की चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ली गई और चीनी की कालाबाजारी तथा अनधिकृत भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मिलों में 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध
जानकारी के अनुसार प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी का भंडार बताया गया है।
400 टन से ज्यादा स्टॉक पर होगी कार्रवाई
समीक्षा में चीनी की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए स्टॉक की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि 30 दिन से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, किसी डीलर द्वारा एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखे जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एस्मा के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
48 लाख किसानों को 3217 करोड़ रुपये का भुगतान
समीक्षा के दौरान गन्ना किसानों को किए गए भुगतान की भी जानकारी दी गई। प्रदेश में 48 लाख किसानों को 3217 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
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15 अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सत्र
प्रदेश में आगामी गन्ना पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई। सरकार का जोर चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के साथ किसानों के भुगतान और चीनी के अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण पर है।
रिपोर्ट : ज़मीर हैदर, लखनऊ ब्यूरो




