JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
पत्रकार सत्ता | डिजिटल डेस्क
रांची। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान सोमवार को रांची में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। बीबीसी हिंदी के मुताबिक, मौके पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।
बीबीसी के अनुसार, प्रदर्शनकारी कई बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए थे। रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि इस दौरान तीन पुलिसकर्मी और चार-पांच प्रदर्शनकारी मामूली रूप से घायल हुए। पुलिस का दावा है कि कुछ स्थानों पर पत्थर भी फेंके गए और एक बैरिकेड टूटने के दौरान तीन पुलिसकर्मी दब गए।

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नौ दिन से अनशन पर देवेंद्र महतो भी मार्च में शामिल
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी विधानसभा मार्च में पहुंचे। वे नौ दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। महतो ने दावा किया कि वह एंबुलेंस और स्ट्रेचर के सहारे प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। उन्होंने सरकार से अभ्यर्थियों की मांगें स्वीकार करने की मांग की और आंसू गैस, वाटर कैनन तथा लाठीचार्ज को लेकर सरकार की आलोचना की।
परीक्षाओं को लेकर सरकार और छात्रों में बनी सहमति
इससे पहले रविवार को सरकार और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग पर सहमति बनी है। आंदोलनकारी 2023 और 2025 की JPSC बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने तथा पूरे मामले की जांच की मांग भी कर रहे हैं। हालांकि, छात्रों की सीबीआई जांच की मांग सहित कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बनी है।
झारखंड सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन आंदोलनकारी इस दावे से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। सबसे बड़ा विवाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और जांच की एजेंसी को लेकर बताया जा रहा है।
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अखिलेश यादव ने केंद्र को ठहराया जिम्मेदार
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि झारखंड सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से समाधान निकलेगा।




