किस्त न भरने पर युवक को कई दिन बंधक रखकर मजदूरी कराने का दावा, पीड़ित का आरोप—ब्लड बैंक ले जाकर जबरन निकाला गया खून, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज
ज़मीर हैदर । पत्रकार सत्ता
लखनऊ। निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा पुरहिया गांव में मोबाइल की ईएमआई नहीं चुका पाने पर एक युवक को कथित रूप से बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित और उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि युवक को कई दिनों तक अपने कब्जे में रखकर उससे मजदूरी कराई गई और मारपीट की गई। परिवार का यह भी आरोप है कि उसे ब्लड बैंक ले जाकर उसका खून निकलवाया गया।
मामले में पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद अब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपों की जांच के साथ मामले में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
EMI के भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक ने करीब एक वर्ष पहले जीरो डाउन पेमेंट योजना के तहत मोबाइल फोन खरीदा था। उसकी मासिक ईएमआई करीब 2,799 रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि ईएमआई का भुगतान नहीं होने पर रिकवरी से जुड़े लोगों ने युवक से संपर्क किया।
परिवार का आरोप है कि 8 सितंबर को कुछ लोग युवक को अपने साथ ले गए। इसके बाद उसे कई दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान युवक से मजदूरी कराई गई और उसके साथ मारपीट भी की गई।
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ब्लड बैंक ले जाने का भी आरोप
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि युवक को एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका खून निकलवाया गया। हालांकि इस संबंध में सामने आए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। इसलिए खून निकालने की परिस्थितियों और इसके पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार के अनुसार युवक से ईएमआई की रकम के अलावा करीब 12 हजार रुपये की अतिरिक्त रकम की मांग भी की गई थी।
कई दिन बाद युवक घर पहुंचा
परिजनों के मुताबिक कई दिनों तक युवक के वापस नहीं आने से परिवार परेशान रहा। बाद में युवक को कथित तौर पर रैपिडो के माध्यम से घर भेजे जाने की बात सामने आई। घर पहुंचने के बाद उसने परिजनों को अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी।
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परिवार ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शुरुआती स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर FIR
मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद निगोहां पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शुभम सिंह सहित दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में अपहरण समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब आरोपों की जांच कर रही है और नामजद तथा अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस की भूमिका की भी जांच
परिवार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि युवक के थाने/चौकी पहुंचने के बाद तत्काल सुनवाई नहीं की गई। इस संबंध में भी वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिसकर्मियों की भूमिका यदि सामने आती है तो जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। युवक को वास्तव में किन परिस्थितियों में ले जाया गया, उसे कहां रखा गया, उसके साथ क्या व्यवहार हुआ और ब्लड बैंक में खून निकलवाने के आरोप में कितनी सच्चाई है, इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।




