मुंबई। विनिर्माण क्षेत्र में LGBTQIA+ समुदाय के लोगों की भागीदारी और उनके लिए सुरक्षित एवं समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) ने एक नई पहल की है। कंपनी ने ‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग’ नामक विशेष टूलकिट जारी की है, जिसका उद्देश्य उद्योगों को समावेशी कार्यस्थल विकसित करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
इस टूलकिट का शुभारंभ एक साथ दो स्थानों पर किया गया। मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय गोदरेज वन में प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर सीतापति ने इसका लोकार्पण किया, जबकि तमिलनाडु स्थित कंपनी की विनिर्माण इकाई में ग्लोबल हेड-ह्यूमन रिसोर्सेज वैभव राम ने इसे लॉन्च किया।
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कंपनी के अनुसार, यह पहल ऐसे कार्यस्थलों के निर्माण पर केंद्रित है, जहां लैंगिक एवं यौन विविधता वाले कर्मचारियों को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित वातावरण मिल सके। टूलकिट में नेतृत्व, मानव संसाधन विभाग और प्रबंधकों के लिए ऐसे व्यावहारिक सुझाव शामिल किए गए हैं, जिनकी मदद से कार्यस्थल को अधिक समावेशी बनाया जा सकता है।
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इस दस्तावेज़ को समावेशन एवं विविधता क्षेत्र में कार्यरत परामर्श संस्था ट्रांसफॉर्मिस तथा अशोका यूनिवर्सिटी की छात्रा अंतरा रॉय चौधरी के सहयोग से तैयार किया गया है। इसमें कानूनी प्रावधानों, कार्यस्थल की नीतियों, भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारियों की जागरूकता, बुनियादी सुविधाओं और नेतृत्व की जिम्मेदारियों जैसे विषयों को विस्तार से शामिल किया गया है।
कंपनी का कहना है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग स्वयं को LGBTQIA+ समुदाय से जोड़ते हैं, लेकिन रोजगार के क्षेत्र में आज भी उन्हें कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारी अपनी पहचान सार्वजनिक करने से इसलिए बचते हैं क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा और भेदभाव की आशंका रहती है। ऐसे में यह टूलकिट उद्योगों को एक अधिक संवेदनशील और समान अवसर वाला कार्य वातावरण विकसित करने में मदद करेगी।
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गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर सीतापति ने कहा कि कंपनी के लिए समावेशन केवल किसी अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग है। उनका कहना था कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, गरिमा और समान अवसर मिलना चाहिए तथा यह टूलकिट उसी सोच को व्यवहार में उतारने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र देश के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं में शामिल है। ऐसे में यदि कार्यस्थलों को अधिक समावेशी बनाया जाए तो न केवल विविध प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, बल्कि उद्योगों की कार्यक्षमता और नवाचार को भी मजबूती मिलेगी।
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कंपनी का मानना है कि ‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग’ टूलकिट भविष्य के समावेशी औद्योगिक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और अन्य संस्थानों के लिए भी उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगी।

