पुलिस कार्रवाई के विरोध में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग, न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का ऐलान
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर मंतर पर छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के निकट शांतिपूर्ण धरने पर बैठने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जब तक घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि जंतर मंतर पर छात्रों और छात्राओं के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार पर आघात बताते हुए कहा कि बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।
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इससे पहले जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक के समर्थन में चंद्रशेखर आजाद देर रात भी पहुंचे थे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी। बाद में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
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फिलहाल चंद्रशेखर आजाद के धरने को लेकर संसद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। समाचार लिखे जाने तक सरकार की ओर से उनके नए धरने और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। घटनाक्रम पर सभी पक्षों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।




