नेपाल में तबाही: फ्लैश फ्लड से 579 लोगों की मौत, 2,482 लापता; 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

नेपाल फ्लैश फ्लड: 579 मौतें, 2482 लापता; 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

Edited By पत्रकार सत्ता। डिजिटल डेस्क
काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है, जबकि नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 2,482 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों, क्षतिग्रस्त सड़कों और नए बाढ़ के खतरे के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

इस आपदा में नेपाल के रासुवा, नुवाकोट और धादिंग सहित कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलन के अनुसार हिमनद के टूटने और उसके बाद बर्फ-पत्थरों के मलबे से पैदा हुए तेज बहाव ने नदी घाटियों में भारी तबाही मचाई। कई पुल, सड़कें और जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

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320 भारतीय अभी भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। 149 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं और तमिलनाडु के 21 पर्यटकों को बचाकर दिल्ली लाया गया है।

भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री की तीसरी खेप भी भेजी है। अब तक भारतीय पक्ष की ओर से 57.5 टन आपात राहत सामग्री भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। भारत प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल और चीन के अधिकारियों के संपर्क में है।

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फिर बाढ़ का खतरा

बचाव अभियान के बीच नेपाल में एक और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में मलबे से बने जल अवरोध और बढ़ते पानी को लेकर प्रशासन सतर्क है। इसी वजह से कुछ इलाकों में राहत एवं खोज अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

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स्थिति लगातार बदल रही है और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच बढ़ने के साथ मृतकों तथा लापता लोगों की संख्या में बदलाव की आशंका जताई जा रही है।

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