ज़मीर हैदर । पत्रकार सत्ता
लखनऊ। नगर निगम द्वारा पारा सहित विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े गए दुधारू पशुओं की नीलामी के विरोध में नगर निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने गरीब पशुपालकों के हित में नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाने और पशुओं को कम जुर्माने पर छोड़ने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि पशुपालक परिवारों की आजीविका उनके पशुओं पर निर्भर है। ऐसे में पशुओं की नीलामी से गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पशुपालकों के हक की लड़ाई लड़ते हुए कई पशुओं को कम से कम जुर्माने पर छुड़ाने का प्रयास किया गया है।
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धरना-प्रदर्शन में विधायक अरमान खान, नेता पार्षद दल कामरान बेग, पार्षद शफीकुर्रहमान चच्चा, यावर हुसैन रेशु, बादशाह गाजी, अल्लाह प्यारे, गुलशन अब्बास और रामनरेश चौरसिया समेत अन्य पार्षद शामिल रहे।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा, पूर्व अध्यक्ष मो. एबाद, छात्र नेता विजय सिंह टिंटू, जिला पंचायत सदस्य निहाल अहमद, जिला अध्यक्ष मो. सालिम और नगर अध्यक्ष अतुल यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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नगर निगम सीमा से बाहर जमीन देने की मांग
समाजवादी पार्टी के नेता और मलिहाबाद के जिला पंचायत सदस्य निहाल अहमद ने प्रशासन से मांग की कि गरीब पशुपालकों को परेशान करने के बजाय नगर निगम सीमा से बाहर उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे पशुपालन के जरिए अपनी आजीविका चला सकें और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।
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निहाल अहमद ने कहा कि पशुपालकों की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पशुओं की नीलामी के बजाय गरीब पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
रिपोर्ट : ज़मीर हैदर, लखनऊ ब्यूरो




