मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी से कथित बर्बरता पर उठाए सवाल, CCTV सुरक्षित कराने और निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
मेरठ। मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मेरठ में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में हुई कथित बर्बरता कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक पीड़ितों की ओर से आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाया, उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की और चैंबर बंद कर मारपीट की। इसके बाद SOG के हवाले किए जाने पर उन्हें पैर बांधकर उल्टा लटकाने तथा लाठी-फट्टों से पीटने के भी आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, पीड़ितों का स्वतंत्र मेडिकल परीक्षण कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।

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पहले भी जांच के आदेश की बात आई सामने
इस मामले में इससे पहले भी पुलिस हिरासत में कथित मारपीट के आरोपों को लेकर जांच शुरू किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। पुलिस की ओर से मारपीट के आरोपों को खारिज किया गया है। ऐसे में अब चंद्रशेखर आजाद की ताजा मांगों के बाद मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई पर सियासी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
मामले में जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि उसी से यह स्पष्ट होगा कि हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है।




