पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाईपावर कमेटी बनेगी, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाईपावर कमेटी गठित करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और पीड़ितों की शिकायतों की स्वतंत्र जांच करेगी।
कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और महानिदेशक स्तर से सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल होंगे। कोर्ट ने कहा है कि सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। कमेटी के सदस्यों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इसके गठन को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर सकता है।
छात्रों की FIR पर भी बड़ी राहत के संकेत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने के लिए अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, गंभीर आपराधिक मामलों या हिंसा में शामिल लोगों को यह राहत नहीं मिलेगी।
CJI सूर्यकांत ने यह भी कहा कि छात्रों के प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होना चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को उसके उद्देश्य और संदर्भ के आधार पर देखा जाना चाहिए।
इसे भी देखें- गोवा में कांग्रेस की सरकार बनी तो नशा बंद होगा, जल-जंगल-जमीन बचाएंगे: खड़गे
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात अदालत के सामने रखी गई। कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और गंभीर अपराध में शामिल लोगों के मामलों को अलग-अलग देखा जाएगा।
इसे भी जाने- जब अमित शाह बच्चे होंगे तब मैं MLA था, खड़गे बोले- कांग्रेस को देशभक्ति न सिखाएं




