यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय बोले- हिंसा और अमर्यादित भाषा के बीच पुलिस को क्या करना चाहिए था? कांग्रेस ने बयान को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति तक पहुंच गया है। योगी सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का समर्थन किया है। उनके बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में प्रदर्शनकारियों के व्यवहार का हवाला देते हुए कहा कि पहले यह बताया जाए कि पैलेट गन किस लिए दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में कुछ अराजक तत्व शामिल थे, जो भारतीय संस्कृति और महापुरुषों का अपमान कर रहे थे, हिंसा कर रहे थे तथा प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे हालात में कार्रवाई को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को आखिर क्या करना चाहिए था।

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मंत्री के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने योगेंद्र उपाध्याय के बयान का वीडियो अपने एक्स खाते पर साझा करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि “शाबाश अमित शाह, कुछ नहीं तो आपकी पार्टी आपकी बर्बरता के साथ खड़ी है।”
जंतर-मंतर की कार्रवाई पहले से विवादों में
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले भी गंभीर सवाल उठ चुके हैं। 20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप सामने आए थे। दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में इन आरोपों को खारिज किया था, लेकिन बाद में सामने आए दस्तावेजों और रिपोर्टों ने इस मुद्दे पर विवाद को और बढ़ा दिया। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस रिकॉर्ड में भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स की ओर से विभिन्न प्रकार के गैर-घातक उपकरणों और पैलेट वाले राउंड के इस्तेमाल का उल्लेख सामने आया था।
इस कार्रवाई को लेकर रैपिड एक्शन फोर्स की आईजी सीमा धुंडिया की ओर से भी अधिकारियों को आगे आवश्यकता के अनुसार बल प्रयोग करने के निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। एक रिपोर्ट में जंतर-मंतर की कार्रवाई को आरएएफ के मूल्यों के विपरीत बताया गया।
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राहुल गांधी समेत विपक्ष ने उठाए थे सवाल
जंतर-मंतर की पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सवाल उठाए थे कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया। रिपोर्टों के अनुसार विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर विरोध दर्ज कराया था।
मंत्री के बयान से फिर गरमाया राजनीतिक विवाद
योगेंद्र उपाध्याय के ताजा बयान ने पुराने विवाद को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ भाजपा नेता प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा, अमर्यादित भाषा और कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराने की दलील दे रहे हैं, वहीं विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल का इस्तेमाल लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इस तरह के हथियारों से गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। ऐसे में सवाल केवल यह नहीं है कि प्रदर्शनकारियों का व्यवहार कैसा था, बल्कि यह भी है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान बल प्रयोग की आवश्यकता, अनुपात और जवाबदेही तय करने के लिए क्या मानक अपनाए गए।
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फिलहाल योगेंद्र उपाध्याय के बयान पर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वहीं, जंतर-मंतर की कार्रवाई को लेकर पहले से उठे सवालों के बीच मंत्री का बयान भाजपा सरकार के लिए नया राजनीतिक विवाद खड़ा करता दिखाई दे रहा है।




