अंडे फेंके जाने का हवाला देने पर अदालत की टिप्पणी—”स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां खाईं, आप अंडों से डर रही हैं?”
पत्रकार सत्ता न्यूज़
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उस समय सख्त टिप्पणी का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस के समक्ष वर्चुअल माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी। अदालत ने उनकी यह मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से दलील दी गई कि पश्चिम बंगाल में पहले उनके ऊपर अंडे फेंके जाने की घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षा संबंधी आशंका है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने टिप्पणी की, “स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां खाईं और आप अंडों से डर रही हैं?” इसके बाद अदालत ने वर्चुअल पेशी की मांग खारिज कर दी।
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गौरतलब है कि हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा को एक मामले में जांच अधिकारी के समक्ष 14 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश देते हुए पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने को कहा था कि उनकी पेशी के दौरान अंडे फेंकने जैसी कोई घटना न हो।
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इससे पहले जुलाई में महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि कृष्णानगर में उनके पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उन पर अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी थीं। उन्होंने इसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया था।




