पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद चंद्रशेखर आज़ाद ने केंद्र सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने इस घटना को कायरतापूर्ण और मानवता पर हमला बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।
चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में छत्तीसगढ़ निवासी दीपक रात्रे और भूपेंद्र की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूरों और पर्यटकों को लगातार निशाना बनाया गया है। गांदरबल, पहलगाम और अब कुलगाम जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि आतंकवाद की चुनौती अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं सरकार के सुरक्षा प्रबंधन, खुफिया तंत्र और जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर आतंकी बार-बार भारतीय सीमा में घुसकर निर्दोष नागरिकों की जान लेने में कैसे सफल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों और रोजी-रोटी कमाने गए मजदूरों की हत्या किसी एक राज्य पर नहीं, बल्कि पूरे देश और मानवता पर हमला है। आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है, लेकिन सरकार की पहली जिम्मेदारी प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार से मांग की कि कुलगाम आतंकी हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




