नई दिल्ली | पत्रकार सत्ता ब्यूरो
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, सरकारी नौकरियों और हालिया छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए चार प्रमुख मांगें रखीं।
खड़गे ने कहा कि देश में हर वर्ष फिक्स्ड एनुअल एग्जाम कैलेंडर लागू किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को परीक्षा में देरी और अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हाई-पावर्ड कमेटी से स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदारी तय होगी।
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कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में जितने भी रिक्त पद हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से भरा जाना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
खड़गे ने अपने बयान में किसान आंदोलन, महिला पहलवानों के जंतर-मंतर प्रदर्शन और मणिपुर हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं पर कांग्रेस ने संयम बरता, लेकिन हाल में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री को लेनी चाहिए।
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यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।




