पत्रकार सत्ता। न्यूज़ डेस्क
जिनेवा/नई दिल्ली। उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं नीति के क्षेत्र में भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक जिम्मेदारी मिली है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) द्वारा आयोजित उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं नीति पर अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह (IGE) के नौवें सत्र की अध्यक्षता भारत करेगा। यह बैठक 6 से 8 जुलाई 2026 तक जिनेवा (स्विट्जरलैंड) स्थित पैलेस दे नेशंस में आयोजित होगी।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस तीन दिवसीय सत्र में विभिन्न सदस्य देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरणों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों की भागीदारी होगी। बैठक में उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीतियों से जुड़े उभरते वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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भारत सरकार की ओर से उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे इस सत्र की अध्यक्षता करेंगी। उन्हें UNCTAD ने औपचारिक रूप से इस बैठक की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया है। अध्यक्ष के रूप में वह तीन दिनों तक सदस्य देशों के बीच होने वाली चर्चा का संचालन करेंगी और वैश्विक उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श का मार्गदर्शन करेंगी।
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बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांत (United Nations Principles for Consumer Product Safety) का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा, जिसे दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया था। इसके अलावा “Why the Principles Matter” विषय पर उच्च स्तरीय चर्चा, संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देशों (UNGCP) के क्रियान्वयन, उपभोक्ता जागरूकता, सतत उपभोग, वैश्विक बाजारों में उपभोक्ता कानूनों के प्रवर्तन तथा सीमा-पार उपभोक्ता संरक्षण जैसे विषयों पर भी विचार किया जाएगा।
विज्ञप्ति के अनुसार, भारत ने हाल के वर्षों में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले 14 महीनों में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) ने 36 क्षेत्रों से संबंधित 1.47 लाख से अधिक रिफंड शिकायतों का निस्तारण करते हुए उपभोक्ताओं को 91.77 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाने में सहायता की है।
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इसके साथ ही, ई-जागृति (e-Jagriti) नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, वर्चुअल सुनवाई, इलेक्ट्रॉनिक केस मैनेजमेंट और डिजिटल रिकॉर्ड तक पहुंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह प्लेटफॉर्म विदेशों में रहने वाले भारतीयों (NRI) सहित सीमा-पार उपभोक्ता विवादों के ऑनलाइन समाधान में भी सहायक है।
PIB के अनुसार, UNCTAD के इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता भारत को मिलना उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।




