पत्रकार सत्ता | नई दिल्ली
ग्रामीण भारत के लिए आज, 1 जुलाई 2026, एक बड़ा बदलाव लागू हो गया। केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) को पूरे देश में लागू कर दिया है। इसके साथ ही लगभग दो दशक से लागू रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह नया ढांचा प्रभावी हो गया। इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आधिकारिक घोषणा की है।
नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। साथ ही केंद्र सरकार ने मजदूरी दरों में भी संशोधन किया है और न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये निर्धारित की है। राज्यों के अनुसार मजदूरी दरें इससे अधिक भी हो सकती हैं।
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क्या है VB-G RAM G?
केंद्र सरकार के अनुसार, यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास, जल संरक्षण, आजीविका सृजन, जलवायु अनुकूल कार्यों और तकनीक आधारित पारदर्शिता पर भी विशेष जोर देगी। योजना को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है।
तकनीक पर रहेगा विशेष जोर
नई व्यवस्था में कार्यों की निगरानी के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड और एआई आधारित निगरानी जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा।
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सरकार का दावा, विपक्ष के सवाल
केंद्र सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजदूरों की आय में सुधार होगा। वहीं कुछ विपक्षी दलों और विशेषज्ञों ने इसके कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नई प्रणाली के प्रभाव का वास्तविक आकलन इसके क्रियान्वयन के बाद ही हो सकेगा।




