परिसीमन पर अकाली दल का समर्थन, मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल

परिसीमन पर अकाली दल का मोदी सरकार को समर्थन, उठे प्रतिनिधित्व के सवाल

सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव के पक्ष में सुखबीर बादल, महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग

पत्रकार सत्ता डिजिटल डेस्क
चंडीगढ़। संसद में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार की कवायद के बीच शिरोमणि अकाली दल का रुख सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सभी राज्यों में सदन की सीटों में 50 प्रतिशत समान वृद्धि के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि, परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर राज्यों के प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संतुलन पर उठ रहे सवालों के बीच यह समर्थन नई राजनीतिक बहस को जन्म दे रहा है।

सुखबीर बादल ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि अकाली दल ने सदनों में सभी राज्यों की सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया है। पार्टी ने इसके साथ ही महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने और निष्पक्ष परिसीमन सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है।

यह भी पढ़ें- चुनावी मोड में आयी भाजपा , यूपी में क्षेत्र और मोर्चा प्रभारियों की नई टीम उतारी

परिसीमन पर राज्यों के अधिकार का सवाल

अकाली दल की बैठक में परिसीमन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के बाद पार्टी ने ऐसी व्यवस्था की मांग की, जिसमें सभी राज्यों को समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो। परिसीमन का मुद्दा केवल सीटों के पुनर्निर्धारण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर भविष्य में राज्यों के राजनीतिक वजन और संसद में प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है।

ऐसे में केंद्र की ओर से सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि नई व्यवस्था में अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधित्व का संतुलन किस तरह कायम रखा जाएगा।

इसे भी देखें- अरुणाचल पर चीन की ‘नाम बदलो’ नीति को भारत का जवाब, 27 स्थान आधिकारिक नक्शे में दर्ज

महिला आरक्षण पर भी तत्काल अमल की मांग

शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना लोकतांत्रिक व्यवस्था में समान भागीदारी की दिशा में जरूरी कदम है।

अकाली दल ने अपने राजनीतिक रुख को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से जोड़ते हुए महिलाओं की गरिमा, समानता और अधिकारों की बात कही। पार्टी ने यह भी दावा किया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति में महिला आरक्षण का प्रावधान कर पहले ही उदाहरण प्रस्तुत किया जा चुका है।

मोदी-बादल मुलाकात से गठबंधन की चर्चाएं तेज

सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में हुई मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित राजनीतिक नजदीकी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि दोनों दलों की ओर से किसी नए गठबंधन को लेकर फिलहाल आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बैठक के दौरान पंजाब के विकास, कृषि, किसानों से जुड़े मुद्दों, कानून-व्यवस्था और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होने की बात सामने आई है। बैठक का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इसे भी जानें- एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर केजरीवाल का सरकार पर हमला, कहा- ‘इरादे स्पष्ट होने तक पेट्रोल-डीजल वाहन न खरीदें’

सरकार के प्रस्ताव से कई सवाल भी

केंद्र के परिसीमन प्रस्ताव पर राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश के बीच विपक्ष और क्षेत्रीय दलों की ओर से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि सीटों की संख्या बढ़ने के साथ राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन कैसे तय होगा। खासकर ऐसे समय में जब परिसीमन को लेकर दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच संभावित प्रतिनिधित्व असंतुलन की बहस पहले से मौजूद है।

अकाली दल के समर्थन ने केंद्र के प्रस्ताव को राजनीतिक मजबूती जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि परिसीमन की पूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी होगी और इसमें सभी राज्यों के हितों को किस हद तक बराबर महत्व दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- “अगर सभी बरी हैं, तो 6 लोगों की हत्या किसने की?” डांगावास फैसले पर चंद्रशेखर आजाद का बड़ा सवाल

फिलहाल मोदी-बादल मुलाकात और परिसीमन पर अकाली दल के समर्थन ने पंजाब के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी नए सियासी समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *