बीजेपी की राज्यसभा सूची में श्रुति गंगवार का नाम आने से बरेली की सियासत में चर्चाएं तेज, छह साल के लिए उच्च सदन में जाने का रास्ता साफ

श्रुति गंगवार राज्यसभा पहुंचीं, बरेली की राजनीति में संतोष गंगवार का प्रभाव

निर्भय सक्सेना । पत्रकार सत्ता
बरेली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की पुत्री श्रुति गंगवार का राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना जाना बरेली मंडल की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आठवें प्रत्याशी के रूप में उनका नाम सामने आने के बाद विपक्ष की ओर से तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के चलते उनके निर्विरोध राज्यसभा पहुंचने का रास्ता साफ हो गया।

श्रुति गंगवार लंबे समय से बरेली की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। वह अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बरेली की चेयरपर्सन हैं और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लेती रही हैं। भारत सेवा ट्रस्ट के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी सामाजिक गतिविधियों से भी उनका जुड़ाव रहा है।

श्रुति गंगवार राज्यसभा पहुंचीं, बरेली की राजनीति में संतोष गंगवार का प्रभाव

श्रुति ने आईआईटी रुड़की से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और आईआईएम बेंगलुरु में भी अध्ययन किया। उन्होंने इन्फोसिस से अपने करियर की शुरुआत की तथा बाद में उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2012 में एडटेक स्टार्टअप और वर्ष 2016 में नोएडा में आईटी सर्विस कंपनी शुरू की।

इसे भी देखें- 17 हजार फीट की ऊंचाई पर इंडिगो विमान पर गिरी बिजली, लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग

राजनीतिक रूप से श्रुति गंगवार बहेड़ी, नवाबगंज और भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रही हैं। अब राज्यसभा में उनकी एंट्री से बरेली मंडल के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उनके प्रभाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

संतोष कुमार गंगवार बरेली लोकसभा सीट से आठ बार सांसद और केंद्र सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद भी उन्होंने राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी। बाद में झारखंड का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनके राजनीतिक प्रभाव को लेकर बरेली में चर्चाएं फिर तेज हुईं।

इसे भी पढ़ें- राजाजीपुरम में घर के बाहर खड़ी स्कूटी चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि श्रुति गंगवार का राज्यसभा पहुंचना संतोष गंगवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि भविष्य में उन्हें संगठन या सरकार में क्या जिम्मेदारी मिलती है, यह आने वाला समय तय करेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, बरेली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *