नए मतदाता पंजीकरण के दौरान माता-पिता की पिछली SIR से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देने की व्यवस्था हटाई गई
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को हटा दिया है। यह बदलाव ईसीआईनेट पोर्टल और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइटों पर किया गया है। अब ऐसे क्षेत्रों में नए मतदाता पंजीकरण के लिए निर्धारित वैधानिक फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस अतिरिक्त घोषणा में आवेदक से यह जानकारी मांगी जा रही थी कि वह स्वयं या उसके माता-पिता पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में शामिल थे या नहीं। जुलाई में ऑनलाइन फॉर्म-6 में जोड़े गए इस हिस्से में पिछली एसआईआर में माता-पिता की स्थिति से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
इस व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई थी। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने फॉर्म-6 में एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त प्रावधान जोड़े जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
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26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक के बाद जारी आधिकारिक प्रेस नोट में कहा गया था कि एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 से जुड़ी घोषणा लागू रहेगी, जबकि एसआईआर अवधि के बाहर निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म इस्तेमाल किए जाएंगे।
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इसके बाद अब एसआईआर पूरा कर चुके राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त एसआईआर घोषणा हटा दी गई है। हालांकि, जहां एसआईआर की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां इससे संबंधित प्रावधान लागू रहने की स्थिति अलग हो सकती है।
रिपोर्ट- पत्रकार सत्ता




