प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से निकले नेता-कार्यकर्ता, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी; चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए
ज़मीर हैदर । पत्रकार सत्ता
लखनऊ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के तहत शुक्रवार को लखनऊ में भी प्रदर्शन किया गया। बारिश के बीच प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
कांग्रेस ने अपने देशव्यापी प्रदर्शन को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों से जोड़ा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। ये कांग्रेस के आरोप और मांगें हैं।
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के बीच ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए गए। कांग्रेस की विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।
इसे भी पढ़ें- दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली, अब जिला मुख्यालयों से राष्ट्रपति तक पहुंचेगी आजाद समाज पार्टी की आवाज
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी जारी रखी।
इसे भी देखें- दिल्ली का नहीं, पूरे देश के आम वोटर के बहिष्करण का खेल: निहाल अहमद
कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च का आह्वान किया था। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के साथ चुनावी फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी है।




