‘मेरे अब्बू’ पुस्तक का भव्य विमोचन, अंतरराष्ट्रीय मुशायरे में देर रात तक गूंजे कलाम

‘मेरे अब्बू’ में पिता से मिले संस्कारों और जीवन मूल्यों को शब्द देने का प्रयास

सबीहा अहमद बोलीं—पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को माता-पिता के सम्मान और संस्कारों की राह दिखाएगी

शबीह हैदर । पत्रकार सत्ता
लखनऊ। राजधानी के प्रतिष्ठित होटल डायमंड पैलेस में लेखिका सबीहा अहमद की पुस्तक ‘मेरे अब्बू’ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि धर्मगुरु कारी हबीब तथा पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं वर्तमान विधायक अबू आसिम आजमी ने किया। इस अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में देश-विदेश के शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रोता तालियों और वाहवाही के साथ प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।

पुस्तक के बारे में लेखिका सबीहा अहमद ने कहा कि ‘मेरे अब्बू’ उनके पिता से मिली सीख, संस्कार और जीवन मूल्यों का भावनात्मक दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में माता-पिता के सम्मान और उनकी सीख को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। उनके अनुसार यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को माता-पिता की सेवा, सम्मान और संस्कारों का महत्व समझाने का प्रयास है।

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धर्मगुरु कारी हबीब ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे पिता-पुत्री के रिश्ते की भावनाओं और एहसासों को अभिव्यक्त करने वाली कृति बताया। अबू आसिम आजमी ने कहा कि पुस्तक एक बेटी की अपने पिता के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना को सामने रखती है तथा ऐसी रचनाएं समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं।

देर रात तक चला अंतरराष्ट्रीय मुशायरा

पुस्तक विमोचन के बाद आयोजित अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में विभिन्न शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। डॉ. मालविका हरिओम, शबीना अदीब, हिमांशी बाबरा, अज़हर इकबाल, अभिश्रेष्ठ तिवारी, अजय सहाब, आदर्श बाराबंकवी और शाहबाज़ तालिब सहित अन्य रचनाकारों ने अपने कलाम पेश किए।

शायरों की प्रस्तुतियों पर सभागार में लगातार तालियां और वाहवाही गूंजती रही। कार्यक्रम देर रात तक अदबी माहौल में चलता रहा और बड़ी संख्या में साहित्य एवं कला प्रेमी मौजूद रहे।

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गंगा-जमुनी तहजीब को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वसीम अहमद, मोहम्मद उमर और मोहम्मद उस्मान ने बताया कि उनकी फाउंडेशन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से गंगा-जमुनी तहजीब और साझा सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम संयोजक वामिक खान ने अतिथियों, साहित्यकारों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कला और साहित्य के मंचों के माध्यम से देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को सामने लाने का प्रयास जारी रहेगा।

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समारोह में पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सांसद धर्मेंद्र यादव, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, विधायक नफीस अहमद, सपा नेता अमीक जमाई, उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष जुबैर अहमद, महामंत्री अब्दुल वहीद, ख्वाजा बज्मी यूनुस सहित अनेक गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, पत्रकार और कला प्रेमी मौजूद रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ

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