कार रोककर पहले गोलीबारी, फिर धारदार हथियारों से हमला; नदिया में तनाव, पुलिस जांच में जुटी
पत्रकार सत्ता । डिजिटल डेस्क
कोलकाता । पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के नकाशीपाड़ा इलाके में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनीसुर रहमान और उनके 24 वर्षीय बेटे अबू सुफियान की हत्या से सनसनी फैल गई। दोनों पर शनिवार रात घर लौटते समय कथित तौर पर हमला किया गया। हमलावरों ने उनकी कार रोककर गोलीबारी की और इसके बाद धारदार हथियारों से हमला किया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
अनीसुर रहमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और नदिया जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव थे। वे नकाशीपाड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनका बेटा अबू सुफियान कानून की पढ़ाई कर रहा था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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घर से महज 200 मीटर दूर रोकी कार
स्थानीय जानकारी के अनुसार अनीसुर रहमान और उनका बेटा बेथुआडहरी बाजार से कार से घर लौट रहे थे। नकाशीपाड़ा के नागादी इलाके में रेलगेट के पास उनकी कार को कथित तौर पर रोक लिया गया। इसके बाद हमलावरों ने पहले गोलीबारी की और फिर धारदार हथियारों से पिता-पुत्र पर हमला किया।
बताया जा रहा है कि घटनास्थल उनके घर से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर था। घटना की सूचना मिलने के बाद नकाशीपाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अस्पताल भेजा।
हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश का शक
हत्या के पीछे की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। कांग्रेस नेताओं और मृतक के परिवार की ओर से राजनीतिक रंजिश की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक हत्या के कारण और हमले के पीछे वास्तविक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।
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इस बीच पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए हरनागर ग्राम पंचायत की प्रधान फातिमा बीबी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों में अली मंडल और मिथुन शेख शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर हिरासत की मांग की है।
कांग्रेस ने घोषित किया काला दिवस
घटना की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस ने रविवार को राज्यभर में काला दिवस मनाने का आह्वान किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि अनीसुर रहमान इलाके में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पिता-पुत्र की हत्या ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हमले की साजिश किसने रची, हत्या का वास्तविक मकसद क्या था और इस वारदात में कितने लोग शामिल थे।
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