मायावती का स्वतंत्रता दिवस संदेश, बोलीं- सरकारें युवाओं से जवाबदेही की मांग सुनें

मायावती स्वतंत्रता दिवस संदेश 2026

पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद मायावती ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की वर्तमान परिस्थितियों पर आत्ममंथन और सरकारों से जवाबदेही मांगने का भी समय है।

बसपा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने कहा कि देश में अनेक समस्याओं से घिरे लोग स्वतंत्रता दिवस को हर्ष-उल्लास के साथ जरूर मनाएं, लेकिन विकसित भारत और मेरा भारत महान का सपना साकार करने की क्षमता रखने वाली युवा पीढ़ी अब सरकारों से जवाबदेही भी मांगने लगी है।

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उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं के बीच ‘चेक एंड बैलेंस’ की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसका प्रभावी और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित होना जरूरी है, ताकि कोई भी तानाशाही रवैया न अपना सके और देश व समाज के सर्वसमाज के लोगों का समुचित विकास हो सके।

युवाओं को रोजगार और बेहतर सुविधाओं की जरूरत

मायावती ने कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी में लगभग 52 प्रतिशत लोग 30 वर्ष से कम आयु के हैं। सभी सरकारों को यह याद रखना चाहिए कि देश का युवा वर्ग अपना जीवन असामान्य ढंग से कठिन और अभावग्रस्त नहीं बनाना चाहता। युवा देश के बेहतर भविष्य के लिए अपना योगदान देना चाहता है, लेकिन उसका सही लाभ नहीं मिलने के कारण व्यवस्था में बैठे लोगों से जवाबदेही मांगने के लिए वह मुखर हो रहा है।

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उन्होंने कहा कि युवा बेहतर स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे में सभी सरकारों को समय रहते सतर्क होकर युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

दलित, शोषित और वंचित वर्गों का भी उठाया मुद्दा

बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के दलितों, शोषितों, पीड़ितों और अन्य उपेक्षित वर्गों के साथ-साथ गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, बेरोजगारों तथा मेहनतकश लोगों को बार-बार उनके ‘दायित्व’ की याद दिलाकर अपने संवैधानिक दायित्वों, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन वर्गों की आवाज सुनना और उनके अधिकारों एवं समस्याओं का समाधान करना सरकारों की जिम्मेदारी है।

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मायावती ने सभी सरकारों से जनहित के प्रति अपनी शपथ को सही अर्थों में निभाने तथा जनता को भी अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने की अपील की।

बसपा की ओर से जारी संदेश में स्वतंत्रता दिवस को देश की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का अवसर बताया गया।

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