11 साल बाद सभी 40 आरोपी बरी, आजाद बोले—दलित समाज के न्याय और कानून पर भरोसे को गहरा झटका
पत्रकार सत्ता न्यूज़
जयपुर/नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राजस्थान के चर्चित डांगावास हत्याकांड में सभी 40 आरोपियों के बरी होने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि “यदि सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो आखिर 5 दलितों समेत 6 लोगों की हत्या किसने की?”
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि फैसले के बाद उनकी डांगावास हत्याकांड के पीड़ित परिवार से बातचीत हुई। उनके अनुसार, 11 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आए इस निर्णय से परिवार गहरे सदमे और निराशा में है। पीड़ितों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया, तो हत्याओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में नागौर जिले के डांगावास गांव में 5 दलितों सहित कुल 6 लोगों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लेकिन अब एससी-एसटी विशेष अदालत के फैसले ने केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज के मन में न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने इस फैसले की तुलना बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार से करते हुए कहा कि वहां भी वर्षों बाद सभी आरोपी बरी हो गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से दलित समाज के पुराने जख्म फिर हरे हो जाते हैं और लोगों का न्याय व्यवस्था से विश्वास कमजोर पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार राजस्थान हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती देगा। आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी न्यायपालिका का सम्मान करती है, लेकिन न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा करेगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।




