राजस्थान: शिक्षकों की कमी से फूटा छात्रों का गुस्सा, स्कूल में तालाबंदी कर सड़क पर उतरे बच्चे, छात्रा का भाषण हुआ वायरल

राजस्थान: शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे? छात्रों का जोरदार प्रदर्शन

पत्रकार सत्ता ब्यूरो | जालौर (राजस्थान)
राजस्थान के जालौर जिले के भाद्राजून क्षेत्र स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेंगलवा में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर छात्रों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छात्रा प्रशासन से सवाल पूछते हुए कहती है कि “हमें पढ़ने के लिए शिक्षक चाहिए, हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?”

छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं। उपलब्ध शिक्षक भी सभी कक्षाओं का संचालन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा।

राजस्थान: शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे? छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
राजस्थान: शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे? छात्रों का जोरदार प्रदर्शन

इसे भी पढ़ें- जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे कांग्रेस प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम

क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?

  • विद्यालय में रिक्त सभी शिक्षक पदों पर तत्काल नियुक्ति।
  • नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
  • विद्यार्थियों की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं।
  • शिक्षा विभाग भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने दे।
  • प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में

करीब चार घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने तत्काल राहत के तौर पर पांच शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और स्कूल का ताला खोला गया।

सोशल मीडिया पर वायरल

घटना का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर), फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों बार देखा जा चुका है। कई यूजर्स ने इसे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का गंभीर उदाहरण बताते हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि बच्चों को अपने अधिकार—शिक्षा—के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। हालांकि सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे कुछ वीडियो पुराने और नए पोस्ट के साथ भी प्रसारित हो रहे हैं, इसलिए वीडियो साझा करते समय समय और स्थान का सत्यापन आवश्यक है।

इसे भी जाने- एसकेडी एकेडमी में गुरु पूर्णिमा मनाई गई, सभी शाखाओं में विद्यार्थियों ने गुरुजनों का किया सम्मान

प्रशासन का पक्ष

स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *