चंद्रशेखर का आरोप, यूपी में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात

चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप यूपी में अघोषित इमरजेंसी

25 जुलाई के प्रदर्शन को रोकने के लिए कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का दावा, पेपर लीक पर उम्रकैद की मांग

पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 25 जुलाई को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी प्रदर्शन को दबाने का आरोप लगाया है। दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं और कई जिलों में पार्टी पदाधिकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है या नजरबंद किया जा रहा है।

आजाद ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को पोस्टर और बैनर तक नहीं छपवाने दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रदर्शन को असफल बनाने के लिए दबाव की नीति अपना रहा है। हालांकि इन दावों पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रेस वार्ता में चंद्रशेखर आजाद ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए इसे राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में लाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून में संशोधन कर दोषियों के लिए उम्रकैद का प्रावधान किया जाना चाहिए और उन्हें आसानी से जमानत भी न मिले।

इसे भी देखें- एलडीए से अवैध निर्माण रोकने की मांग, मंडलायुक्त को भी सौंपा प्रार्थना पत्र

उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में देशभर में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाएं पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से प्रभावित हुई हैं। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कई चर्चित मामले सामने आए हैं, जिससे करोड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।

आजाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि केवल आश्वासनों से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को आजाद समाज पार्टी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

इसे भी जानें- अमित शाह इस्तीफा दें चंद्रशेखर आजाद ने छेड़ा देशव्यापी आंदोलन

उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि उनका संघर्ष युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के लिए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *