सुप्रिया श्रीनेत ने विदेशी पत्रकार के सवाल और भारतीय राजदूत के जवाब को लेकर सरकार पर साधा निशाना
Highlights :
● विदेशी पत्रकार ने पूछा सवाल
● भारतीय राजदूत ने दिया जवाब
● कांग्रेस ने जवाब पर उठाए सवाल
● पत्रकार वार्ता को बताया लोकतंत्र की जरूरत
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्रकार वार्ताओं को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक विदेशी पत्रकार और भारत के राजदूत के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
सुप्रिया श्रीनेत ने अपने सामाजिक माध्यम खाते पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि न्यूजीलैंड के एक पत्रकार ने भारतीय राजदूत रुद्रेंद्र टंडन से पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियमित पत्रकार वार्ता क्यों नहीं करते।
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पोस्ट के अनुसार भारतीय राजदूत ने जवाब दिया कि भारत का बड़ा मतदाता वर्ग ग्रामीण है और वह जनता से सीधे संवाद को पसंद करता है। उन्होंने कहा कि लोग बिचौलियों के माध्यम से संवाद पसंद नहीं करते।
इस जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकार वार्ता का उद्देश्य सरकार से सवाल पूछना जवाबदेही तय करना और जनता के सामने तथ्यों को स्पष्ट करना होता है। उनका कहना था कि केवल एकतरफा संबोधन लोकतांत्रिक जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता।
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कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में सरकार को पत्रकारों के सवालों का सामना करना चाहिए और सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेस वार्ता लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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वहीं इस विषय पर केंद्र सरकार की ओर से इस टिप्पणी पर तत्काल कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों रेडियो प्रसारण और डिजिटल माध्यमों से समय समय पर जनता को संबोधित करते रहे हैं।




