पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- प्रत्येक अस्पताल में दो पशु चिकित्साधिकारी, आधुनिक जांच उपकरण और वार्ड की सुविधा होगी
पत्रकार सत्ता | लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श पशु चिकित्सालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन चिकित्सालयों का निर्माण भारत सरकार की 26 नवंबर 2025 को जारी नई गाइडलाइन के अनुरूप किया जाएगा। इनमें आधुनिक आधारभूत संरचना, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा पशुओं के सभी प्रकार के रोगों की जांच एवं उपचार की नवीनतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इन आदर्श पशु चिकित्सालयों में पहली बार अंतःरोगी विभाग (वार्ड) की भी व्यवस्था होगी, जिससे गंभीर रूप से बीमार पशुओं को भर्ती कर सघन उपचार दिया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के विपरीत प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय में दो पशु चिकित्साधिकारी, दो वेटेरिनरी फील्ड असिस्टेंट और दो वेटेरिनरी अटेंडेंट तैनात किए जाएंगे। इससे पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, आधुनिक डायग्नोसिस और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मंत्री ने कहा कि चिकित्सालयों के निर्माण के लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक द्वारा स्थान की संस्तुति प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अस्पतालों की स्थापना सुनिश्चित होगी।
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धर्मपाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन विभाग की सभी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा पशु चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान, बांझपन उपचार, टीकाकरण, बधियाकरण तथा निराश्रित गोवंश संरक्षण जैसी सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक पशुपालक तक आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।




