लेख : अनूप कुमार मिश्रा
पिछले कई सालों से टेक्सास में मुसलमानों की कुल जमा आबादी 1-2% रही है। सटीक जनसंख्या कितनी है यह नहीं पता लग सकता है क्योंकि वहाँ की जनगणना में रेलिजन बताने का कोई काॅलम ही नहीं होता है। लेकिन प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे और राज्य अधिकारियों का अनुमान है कि टेक्सास में मुसलमानों की जनसंख्या लगभग 3-5 लाख के आसपास होगी। सर्वाधिक आबादी वाले राज्यों में से न्यूयार्क और इलिनोइस में टेक्सास की तुलना में अधिक मुस्लिम आबादी है।डलास-फोर्ट वर्थ का इलाका मुसलमानों के लिए अनुकूल और लोकप्रिय जगह रही है। हाल के सालों में, यहाँ तेज़ी से बढ़ रही मुस्लिम समुदाय की आबादी ने इरविंग शहर को अपना ठिकाना बनाया है जो इस शहर की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद ‘वैली रैंच इस्लामिक सेंटर’ के आस-पास है।
सन् 2009 में बनी इस मस्जिद का कैंपस काफ़ी बड़ा है और अब इसे 31,000 स्क्वायर फ़ीट तक बढ़ाने की योजना है, जिसमें एक कैफ़े और बास्केटबॉल कोर्ट भी शामिल किया गया है। क्योंकि इस मस्जिद में हाल ही में रात की नमाज़ के दौरान आने वाले परिवारों को पार्किंग की जगह ढूँढ़ने में काफ़ी परेशानी हुई थी।शेख यासिर बिरजिस, जो 2010 से इस समुदाय का नेतृत्व करते चले आ रहे हैं, ने कहा, “हम अपेक्षा से ज़्यादा तेज़ गति से आगे बढ़ रहे हैं।”
यासिर बिरजिस ने कहा कि मस्जिद की सफलता की एक वजह यह थी कि हमने शुरुआत से ही टेक्नोलॉजी को अपनाया और नए लोगों को इसकी सेवाओं के बारे में ऑनलाइन पता चला जिसके बाद कुछ लोग इससे जुड़ने के लिए टेक्सास आ गए।
इस बढ़ती मुस्लिम आबादी का एक संकेत मुस्लिम-बहुसंख्यक देशों से अमेरिका में होने वाले इंटरनेशनल माइग्रेशन के जनसांख्यिकीय डेटा से मिलता है। डलास-फोर्ट वर्थ मेट्रो इलाके में यह आबादी सन् 2024 में बढ़ते-बढ़ते 1,59,000 से ज़्यादा हो गई, जबकि एक दशक पहले यह लगभग 79,000 ही थी। यानि कि कुल आबादी के मुकाबले यह पाँच गुना तेज़ी से बढ़ गयी है।
अमेरिकी सरकार और रणनीतिकारों के लिए चिंता का विषय
टेक्सास में बढ़ती मुस्लिम आबादी का एक संकेत मुस्लिम-बहुसंख्यक देशों से अमेरिका में होने वाले इंटरनेशनल माइग्रेशन के जनसांख्यिकीय आंकड़ों से मिलता है। डलास-फोर्ट वर्थ मेट्रो इलाके में यह आबादी सन् 2024 में बढ़ते-बढ़ते 1,59,000 से ज़्यादा हो गई, जबकि एक दशक पहले यह लगभग 79,000 ही थी। यानि कि कुल आबादी के मुकाबले यह पाँच गुना तेज़ी से बढ़ गयी है। जो अमेरिकी सरकार और रणनीतिकारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बढ़ती मुस्लिम आबादी का दूसरा संकेत मुसलमानों की बढ़ती भीड़
चार सबसे बड़ी डलास-फोर्ट वर्थ काउंटीज में मस्जिदों की बढ़ती संख्या इसका साफ संदेश देती है। जहाँ दो दशक पहले तक केवल 28 मस्जिदें थीं, वहीं पर 2020 आते-आते यह संख्या बढ़कर तीन गुना से ज्यादा 76 हो गयी है। मस्जिदों की बढ़ती संख्या का यह आंकड़ा एसोसिएशन आफ रिलीजन डाटा आर्चीव से निकलकर बाहर आया है।
उत्तरी डलास के तीव्र गति से बढ़ते उपशहर काॅलिन काउंटी में मस्जिदों की संख्या इसी दौरान चार गुना बढ़कर 3 से 12 हो गयी है।
मस्जिदों की यह संख्या ईसाई चर्च की तुलना में बहुत कम है फिर भी इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी दर गौर करने लायक है। तुलनात्मक रूप से, इन चार काउंटीज में इवेन्जेलिकल ईसाई समूह 3000 से भी अधिक हैं।
रिपब्लिकन्स के लिए इस्लाम इतना महत्वपूर्ण कैसे बन गया
जून महीने में ह्यूस्टन में हुए ‘टेक्सास स्टेट रिपब्लिकन कन्वेंशन’ में टेक्सास हाउस का ‘शरिया-फ़्री कॉकस’ का एक बूथ लगाया गया था।
जून महीने में ‘टेक्सास स्टेट रिपब्लिकन कंवेन्शन’ में लगभग सभी भाषण मुस्लिम विरोधी विचारों से ओत-प्रोत थे। इस कार्यक्रम में तमाम कान्फ्रेंस पैनलों ने मुस्लिम हमलों से आगाह किया था। शरिया कानून का विरोध— इस्लामिक कोड जो निगरानी समूहों को गाइड करता है— उसे उच्च संवैधानिक प्राथमिकता बताया गया।
टेक्सास हाऊस का नवीन शरिया मुक्त समूह
ऐमी मेकेलबर्ग, एक प्रतिष्ठित मुस्लिम विरोधी प्रभावशाली महिला ने एक संभावित खतरे से सावधान करने वाले चेतावनी भरा एक वीडियो दिखाया जिसमें यह दिखाया गया था कि किस तरह मुस्लिम समुदाय की सुनियोजित साज़िश के तहत टेक्सास बारबेक्यू रेस्टोरेंट को एक अरब शापिंग प्लाज़ा में बदल दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी विशेष रूप से दिखाया गया। कि कैसे प्रेसीडेंट ट्रंप के प्रथम कार्यकाल के दौरान उनके मुसलमानों के प्रति प्रेम को कैसे प्रमुखता दी गयी थी।
सन् 2015 में इर्विन के मेयर बेथ वैन डिन ने शरिया क़ानून के खिलाफ रैली निकालकर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित किया था। (आजकल वह अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य हैं।)
इस घटना के दो साल बाद टेक्सास रिपब्लिकन्स ने शरिया रोधी कानून पारित किया जो कट्टर दक्षिणपंथी वाशिंगटन थिंकटैंक की सुरक्षा पाॅलिसी केन्द्र की रणनीति का हिस्सा था।
एक समय ऐसा भी आया जब रिपब्लिकन पार्टी ने अपना ध्यान इस्लामिक खतरे से हटाकर अप्रवास(इमिग्रेशन), महामारी(पैंडेमिक) और लिंग(जेंडर) राजनीति पर केन्द्रित कर लिया था। लेकिन रिपब्लिकन्स के दक्षिणपंथी खेमे के कुछ लोगों ने एक अलग और ज़्यादा विवादित बात पर ज़ोर देना शुरू कर दिया कि इस्लाम कोई धर्म नहीं, बल्कि एक राजनीतिक विचारधारा है।
तभी, डलास के बाहर एक मस्जिद के आसपास रियल एस्टेट डेवलपमेंट का प्रस्ताव आया, जिसे उस समय ‘एपिक सिटी’(EPIC CITY) के नाम से जाना जाता था। इसके विरोध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मेकेलबर्ग ने फरवरी 2025 में सोशल मीडिया पर लिखा, “पश्चिम का पतन इसी तरह होता है।”
मेकेलबर्ग के इन शब्दों ने गवर्नर ग्रेग अबाट का ध्यान खींचा और उन्होंने तुरन्त प्रस्तावित डेवलपमेंट की जाँच करने के आदेश जारी कर दिये। इसके साथ ही उन्होंने इस प्रस्तावित डेवलपमेंट के पीछे की शक्तियों मस्जिद की कमेटी और ईस्ट प्लानो इस्लामिक सेंटर (एपिक) के विरुद्ध भी राज्य प्रशासन को जाँच करने का आदेश दिया।
एंथनी होम, एक रिपब्लिकन राजनीतिक सलाहकार ने कहा, इस्लाम के संबंध में जो चिंताएं हैं वे रिपब्लिकन मतदाताओं के राज्य में अवैध अप्रवास(इमिग्रेशन) के प्रति बढ़ते भय को दर्शाते हैं। और इससे गवर्नर ग्रेग अबाट की चिंता स्पष्ट रूप से समझी जा सकती है।
“वे जो कुछ भी करते हैं, वह चुनावों को ध्यान में रखकर करते हैं।” गवर्नर के बारे में मिस्टर होल्म ने कहा।
गवर्नर ग्रेग अबाॅट ने सीएआईआर(CAIR) को आतंकवादी संगठन घोषित करने का उपयोग दूसरे इस्लामिक समूहों पर भी रोक लगाने की कोशिश के तौर पर किया है। काउंसिल गवर्नर के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दे रही है।
सीएआईआर(CAIR) के ऑस्टिन चैप्टर की शैमा ज़ायन ने कहा, “हम यहाँ इस्लामोफोबिया (इस्लाम के प्रति नफ़रत) की लहरें अनुभव करते हैं और यह लहर अब तक की सबसे बुरी लहर है।”
धार्मिक टकराव की बढ़ती संभावना
इस वर्ष मई महीने के आखिरी दिनों में डलास के एक मूवी थिएटर में लगभग 300 लोग एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म देखने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसके बारे में यह कहा गया था कि यह डॉक्यूमेंट्री “अमेरिका में इस्लाम के विनाशकारी असर” को प्रदर्शित करती है।
इस कार्यक्रम के प्रायोजकों में पास की एक ईसाई संस्था, यहूदी कंज़र्वेटिव्स का एक समूह, रिपब्लिकन महिलाओं के कई समूह और दो स्थानीय काउंटी रिपब्लिकन पार्टियां समिलित थीं।
इस फ़िल्म के डायरेक्टर फ्रैंक एक्स. पैनिको, जो स्वयं कैथोलिक हैं, ने पॉपकॉर्न मशीनों के पास इकट्ठा हुए कुछ लोगों से बातचीत करते हुए कहा, “इस्लामिक खतरे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोगों में से ज़्यादातर लोग ईसाई समुदाय से हैं।”
जैसे-जैसे टेक्सास में मुस्लिम आबादी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ईसाई धर्म के मानने वाले लोगों में से कुछ मुखर लोगों ने भी इस्लामिक खतरे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया है। ईसाई समुदाय के कट्टरपंथियों ने इस स्थिति को आबादी में बदलाव के तौर पर न देखकर, बल्कि इसे एक आध्यात्मिक लड़ाई के तौर पर देख रहे हैं।
गतांक से आगे—-
टेक्सास में इस्लामोफोबिया का उदय
सालों से टेक्सास में मुसलमानों की कुल जमा आबादी 1-2% रही है। सटीक जनसंख्या कितनी है यह नहीं पता लग सकता है क्योंकि वहाँ की जनगणना में रेलिजन बताने का कोई काॅलम ही नहीं होता है। लेकिन प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे और राज्य अधिकारियों का अनुमान है कि टेक्सास में मुसलमानों की जनसंख्या लगभग 3-5 लाख के आसपास होगी। सर्वाधिक आबादी वाले राज्यों में से न्यूयार्क और इलिनोइस में टेक्सास की तुलना में अधिक मुस्लिम आबादी है।
डलास-फोर्ट वर्थ का इलाका मुसलमानों के लिए एक लोकप्रिय जगह रही है। हाल के सालों में, यहाँ तेज़ी से बढ़ रही मुस्लिम समुदाय की आबादी ने इरविंग शहर को अपना ठिकाना बनाया है जो इस शहर की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद ‘वैली रैंच इस्लामिक सेंटर’ के आस-पास है।
सन् 2009 में बनी इस मस्जिद का कैंपस काफ़ी बड़ा है और अब इसे 31,000 स्क्वायर फ़ीट तक बढ़ाने की योजना है, जिसमें एक कैफ़े और बास्केटबॉल कोर्ट भी शामिल किया गया है। क्योंकि इस मस्जिद में हाल ही में रात की नमाज़ के दौरान आने वाले परिवारों को पार्किंग की जगह ढूँढ़ने में काफ़ी परेशानी हुई थी।
शेख यासिर बिरजिस, जो 2010 से इस समुदाय का नेतृत्व करते चले आ रहे हैं, ने कहा, “हम अपेक्षा से ज़्यादा तेज़ गति से आगे बढ़ रहे हैं।”
यासिर बिरजिस ने कहा कि मस्जिद की सफलता की एक वजह यह थी कि हमने शुरुआत से ही टेक्नोलॉजी को अपनाया और नए लोगों को इसकी सेवाओं के बारे में ऑनलाइन पता चला जिसके बाद कुछ लोग इससे जुड़ने के लिए टेक्सास आ गए।
इस बढ़ती मुस्लिम आबादी का एक संकेत मुस्लिम-बहुसंख्यक देशों से अमेरिका में होने वाले इंटरनेशनल माइग्रेशन के जनसांख्यिकीय डेटा से मिलता है। डलास-फोर्ट वर्थ मेट्रो इलाके में यह आबादी सन् 2024 में बढ़ते-बढ़ते 1,59,000 से ज़्यादा हो गई, जबकि एक दशक पहले यह लगभग 79,000 ही थी। यानि कि कुल आबादी के मुकाबले यह पाँच गुना तेज़ी से बढ़ गयी है।
अमेरिकी सरकार और रणनीतिकारों के लिए चिंता का विषय
टेक्सास में बढ़ती मुस्लिम आबादी का एक संकेत मुस्लिम-बहुसंख्यक देशों से अमेरिका में होने वाले इंटरनेशनल माइग्रेशन के जनसांख्यिकीय आंकड़ों से मिलता है। डलास-फोर्ट वर्थ मेट्रो इलाके में यह आबादी सन् 2024 में बढ़ते-बढ़ते 1,59,000 से ज़्यादा हो गई, जबकि एक दशक पहले यह लगभग 79,000 ही थी। यानि कि कुल आबादी के मुकाबले यह पाँच गुना तेज़ी से बढ़ गयी है। जो अमेरिकी सरकार और रणनीतिकारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बढ़ती मुस्लिम आबादी का दूसरा संकेत मुसलमानों की बढ़ती भीड़ से समझा जा सकता है।
चार सबसे बड़ी डलास-फोर्ट वर्थ काउंटीज में मस्जिदों की बढ़ती संख्या इसका साफ संदेश देती है। जहाँ दो दशक पहले तक केवल 28 मस्जिदें थीं, वहीं पर 2020 आते-आते यह संख्या बढ़कर तीन गुना से ज्यादा 76 हो गयी है। मस्जिदों की बढ़ती संख्या का यह आंकड़ा एसोसिएशन आफ रिलीजन डाटा आर्चीव से निकलकर बाहर आया है।
उत्तरी डलास के तीव्र गति से बढ़ते उपशहर काॅलिन काउंटी में मस्जिदों की संख्या इसी दौरान चार गुना बढ़कर 3 से 12 हो गयी है।
मस्जिदों की यह संख्या ईसाई चर्च की तुलना में बहुत कम है फिर भी इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी दर गौर करने लायक है। तुलनात्मक रूप से, इन चार काउंटीज में इवेन्जेलिकल ईसाई समूह 3000 से भी अधिक हैं।
रिपब्लिकन्स के लिए इस्लाम इतना महत्वपूर्ण कैसे बन गया
जून महीने में ह्यूस्टन में हुए ‘टेक्सास स्टेट रिपब्लिकन कन्वेंशन’ में टेक्सास हाउस का ‘शरिया-फ़्री कॉकस’ का एक बूथ लगाया गया था।
जून महीने में ‘टेक्सास स्टेट रिपब्लिकन कंवेन्शन’ में लगभग सभी भाषण मुस्लिम विरोधी विचारों से ओत-प्रोत थे। इस कार्यक्रम में तमाम कान्फ्रेंस पैनलों ने मुस्लिम हमलों से आगाह किया था। शरिया कानून का विरोध— इस्लामिक कोड जो निगरानी समूहों को गाइड करता है— उसे उच्च संवैधानिक प्राथमिकता बताया गया।
इस कंवेन्शन हाल में, टेक्सास हाऊस का नवीन शरिया मुक्त समूह का एक बूथ लगाया गया था।
ऐमी मेकेलबर्ग, एक प्रतिष्ठित मुस्लिम विरोधी प्रभावशाली महिला ने एक संभावित खतरे से सावधान करने वाले चेतावनी भरा एक वीडियो दिखाया जिसमें यह दिखाया गया था कि किस तरह मुस्लिम समुदाय की सुनियोजित साज़िश के तहत टेक्सास बारबेक्यू रेस्टोरेंट को एक अरब शापिंग प्लाज़ा में बदल दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी विशेष रूप से दिखाया गया। कि कैसे प्रेसीडेंट ट्रंप के प्रथम कार्यकाल के दौरान उनके मुसलमानों के प्रति प्रेम को कैसे प्रमुखता दी गयी थी।
सन् 2015 में इर्विन के मेयर बेथ वैन डिन ने शरिया क़ानून के खिलाफ रैली निकालकर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित किया था। (आजकल वह अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य हैं।)
इस घटना के दो साल बाद टेक्सास रिपब्लिकन्स ने शरिया रोधी कानून पारित किया जो कट्टर दक्षिणपंथी वाशिंगटन थिंकटैंक की सुरक्षा पाॅलिसी केन्द्र की रणनीति का हिस्सा था।
एक समय ऐसा भी आया जब रिपब्लिकन पार्टी ने अपना ध्यान इस्लामिक खतरे से हटाकर अप्रवास(इमिग्रेशन), महामारी(पैंडेमिक) और लिंग(जेंडर) राजनीति पर केन्द्रित कर लिया था। लेकिन रिपब्लिकन्स के दक्षिणपंथी खेमे के कुछ लोगों ने एक अलग और ज़्यादा विवादित बात पर ज़ोर देना शुरू कर दिया कि इस्लाम कोई धर्म नहीं, बल्कि एक राजनीतिक विचारधारा है।
तभी, डलास के बाहर एक मस्जिद के आसपास रियल एस्टेट डेवलपमेंट का प्रस्ताव आया, जिसे उस समय ‘एपिक सिटी’(EPIC CITY) के नाम से जाना जाता था। इसके विरोध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मेकेलबर्ग ने फरवरी 2025 में सोशल मीडिया पर लिखा, “पश्चिम का पतन इसी तरह होता है।”
मेकेलबर्ग के इन शब्दों ने गवर्नर ग्रेग अबाट का ध्यान खींचा और उन्होंने तुरन्त प्रस्तावित डेवलपमेंट की जाँच करने के आदेश जारी कर दिये। इसके साथ ही उन्होंने इस प्रस्तावित डेवलपमेंट के पीछे की शक्तियों मस्जिद की कमेटी और ईस्ट प्लानो इस्लामिक सेंटर (एपिक) के विरुद्ध भी राज्य प्रशासन को जाँच करने का आदेश दिया।
एंथनी होम, एक रिपब्लिकन राजनीतिक सलाहकार ने कहा, इस्लाम के संबंध में जो चिंताएं हैं वे रिपब्लिकन मतदाताओं के राज्य में अवैध अप्रवास(इमिग्रेशन) के प्रति बढ़ते भय को दर्शाते हैं। और इससे गवर्नर ग्रेग अबाट की चिंता स्पष्ट रूप से समझी जा सकती है।
“वे जो कुछ भी करते हैं, वह चुनावों को ध्यान में रखकर करते हैं।” गवर्नर के बारे में मिस्टर होल्म ने कहा।
गवर्नर ग्रेग अबाॅट ने सीएआईआर(CAIR) को आतंकवादी संगठन घोषित करने का उपयोग दूसरे इस्लामिक समूहों पर भी रोक लगाने की कोशिश के तौर पर किया है। काउंसिल गवर्नर के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दे रही है।
सीएआईआर(CAIR) के ऑस्टिन चैप्टर की शैमा ज़ायन ने कहा, “हम यहाँ इस्लामोफोबिया (इस्लाम के प्रति नफ़रत) की लहरें अनुभव करते हैं और यह लहर अब तक की सबसे बुरी लहर है।”
धार्मिक टकराव की बढ़ती संभावना
इस वर्ष मई महीने के आखिरी दिनों में डलास के एक मूवी थिएटर में लगभग 300 लोग एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म देखने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसके बारे में यह कहा गया था कि यह डॉक्यूमेंट्री “अमेरिका में इस्लाम के विनाशकारी असर” को प्रदर्शित करती है।
इस कार्यक्रम के प्रायोजकों में पास की एक ईसाई संस्था, यहूदी कंज़र्वेटिव्स का एक समूह, रिपब्लिकन महिलाओं के कई समूह और दो स्थानीय काउंटी रिपब्लिकन पार्टियां समिलित थीं।
इस फ़िल्म के डायरेक्टर फ्रैंक एक्स. पैनिको, जो स्वयं कैथोलिक हैं, ने पॉपकॉर्न मशीनों के पास इकट्ठा हुए कुछ लोगों से बातचीत करते हुए कहा, “इस्लामिक खतरे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोगों में से ज़्यादातर लोग ईसाई समुदाय से हैं।”
जैसे-जैसे टेक्सास में मुस्लिम आबादी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ईसाई धर्म के मानने वाले लोगों में से कुछ मुखर लोगों ने भी इस्लामिक खतरे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया है। ईसाई समुदाय के कट्टरपंथियों ने इस स्थिति को आबादी में बदलाव के तौर पर न देखकर, बल्कि इसे एक आध्यात्मिक लड़ाई के तौर पर देख रहे हैं। जारी….

*इस लेख में व्यक्त विचार एवं विश्लेषण लेखक के निजी विचार हैं। इन विचारों से ‘पत्रकार सत्ता’ का सहमत होना आवश्यक नहीं है। लेख में उल्लिखित तथ्यों एवं दावों की जिम्मेदारी संबंधित स्रोत/लेखक की है।




