अत्यधिक बारिश के बीच 34 गोवंश की मौत के मामले में शासन सख्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और अपर निदेशक से मांगा गया स्पष्टीकरण
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
बदायूं। जनपद में अत्यधिक बारिश के दौरान गोवंश की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश शासन ने सख्त कार्रवाई की है। शासन स्तर से जारी आदेशों के अनुसार दो पशु चिकित्साधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि दो खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बदायूं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पशुपालन विभाग के अपर निदेशक ग्रेड-2, बरेली मंडल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। 2508-2509-2670-2671-2668-2669 2508-2509-2670-2671-2668-2669
शासन के दस्तावेजों के मुताबिक बदायूं में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश के कारण 27 सितंबर 2026 को हाइपोथर्मिया से कुल 34 गोवंश की मौत हुई थी। इनमें विकास खंड म्याऊं की गोशाला अभिग्राही में 20 तथा विकास खंड सालारपुर की गोशाला में 14 गोवंश की मौत का उल्लेख किया गया है। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
शासन की जांच और उपलब्ध आख्या में गोशालाओं में गोवंश के लिए समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया गया। दस्तावेज के अनुसार म्याऊं की गोशाला की क्षमता 100 गोवंश की थी, जबकि वहां 428 गोवंश संरक्षित पाए गए। इसी तरह सालारपुर की गोशाला में 223 गोवंश संरक्षित पाए गए। बारिश के दौरान गोवंश के लिए पर्याप्त व्यवस्था, चारा, भूसा, पीने के पानी, इलाज और बचाव के जरूरी इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
शासन ने माना कि गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे थे। इसके बावजूद गोशालाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने और गोवंश की मौत होने को अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता से जोड़ते हुए कार्रवाई की गई है। मामला समाचार पत्रों और सामाजिक माध्यमों के जरिए सामने आने के बाद शासन स्तर पर भी गंभीरता दिखाई गई। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
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दो पशु चिकित्साधिकारी निलंबित
गोवंश की मौत के मामले में शासन ने डॉ. ज्ञानवीर सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, म्याऊं, बदायूं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। शासनादेश में उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई संस्थित किए जाने का उल्लेख है। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
इसी मामले में डॉ. सुमित कुमार साहू, पशु चिकित्साधिकारी, विकास खंड सालारपुर, बदायूं को भी निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें पशुपालन निदेशालय से संबद्ध रखा गया है। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर भी कार्रवाई
शासन ने डॉ. प्रेम सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बदायूं के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में गो-आश्रय स्थलों से संबंधित व्यवस्थाओं की समुचित निगरानी नहीं करने, अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश नहीं दिए जाने तथा लापरवाही और उदासीनता से संबंधित आरोपों का उल्लेख किया गया है। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
अपर निदेशक से मांगा गया स्पष्टीकरण
मामले में डॉ. एमपी सिंह, अपर निदेशक ग्रेड-2, पशुपालन विभाग, बरेली मंडल, बरेली से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। शासन के आदेश में उन्हें संबंधित प्रकरण में अपना स्पष्टीकरण निर्धारित अवधि के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
दो बीडीओ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति
शासन स्तर पर तैयार आख्या में गोशालाओं की व्यवस्था और अधिकारियों की जिम्मेदारी की समीक्षा के बाद संबंधित खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। दस्तावेज में खंड विकास अधिकारी, सालारपुर, बदायूं नितिन कुमार के निलंबन/अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति का स्पष्ट उल्लेख है। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
दस्तावेज में गोशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 2508-2509-2670-2671-2668-2669
बारिश में गोवंश की मौत ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
बदायूं में हुई गोवंश की मौत के मामले ने गोशालाओं की व्यवस्थाओं और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शासन की कार्रवाई से स्पष्ट है कि बारिश और प्रतिकूल मौसम के दौरान गोवंश की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम न किए जाने को गंभीरता से लिया गया है।
अब कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और गोशालाओं में गोवंश की सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।




